{"_id":"69197881672d0e004b35a1495eb88784","slug":"start-generating-power-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच माह बाद बरार परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच माह बाद बरार परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
Updated Sun, 14 Feb 2016 05:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितंबर से बंद बरार लघु जल विद्युत परियोजना से अब उत्पादन शुरू हो गया है। फिलहाल एक ही टरबाइन चलाया गया है। उससे 375 किलोवाट बिजली पैदा हो रही है। बरार परियोजना में दो टरबाइन लगे हैं। इनमें से एक खराब पड़ा है। यदि दूसरा टरबाइन ठीक हो जाए तो यह परियोजना 750 किलोवाट बिजली पैदा करने लगेगी। पहले यह परियोजना लघु जल विद्युत निगम के पास थी।
विज्ञापन
बाद में शासन ने तीन मेगावाट से कम क्षमता वाली परियोजनाएं लघु जल विद्युत निगम के हटाकर उरेडा को दे दी। बरार परियोजना का संचालन भी उरेडा के पास आ गया लेकिन वर्ष 2014 में उरेडा ने परियोजना की देखरेख का काम शाहजहापुर के इलैक्ट्रिकल ठेकेदार को दे दिया।
विज्ञापन
ठेकेदार लक्ष्मी मित्तल ने बताया कि एक टरबाइन से 375 किलोवाट बिजली पैदा होने लगी है। दो फरवरी से उत्पादन शुरू हुआ। अब तक 19480 रुपये मूल्य की बिजली पैदा कर दी गई है। दूसरे टरबाइन की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। बरार परियोजना से थल बाजार और स्थानीय गांवों को बिजली दी जाती है। जब तक यह परियोजना लघु जल विद्युत निगम के पास थी तब तक निरंतर उत्पादन होता था और थल घाटी के गांवों में बिजली का कोई संकट नहीं था। बार बार परियोजना के बंद हो जाने से लोगों को बिजली का संकट झेलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी ठेकेदार के बजाए सरकारी विभागों को खुद संभालनी चाहिए। तभी इनकी देखरेख सही होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा।
विज्ञापन