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सिलगड़ी का पाला चाला खेत में...
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/नाचनी
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:51 PM IST
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पिथौरागढ़ में आठूं महोत्सव के दौरान हिरन चीतल का प्रदर्शन करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में चल रहे सातूं-आठूं महोत्सव में लोक संस्कृति की धूम मची है। महोत्सव में बुधवार को कई गांवों के सांस्कृतिक दलों ने हिलजात्रा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक दलों ने सिलगड़ी का पाला चाला खेत में पानी नै, नै वे, त्यार दिया मुनैड़ी भिना आंगुला जानी नै आदि कई गीतों पर चांचरी, खेल, ठुलखेल प्रस्तुत किए।
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जिला मुख्यालय के रामलीला मैदान सदर में रामलीला प्रबंधकारिणी समिति के नेतृत्व में चल रहे सातूं-आठूं महोत्सव में सिरौला गांव के दल ने भूपाल सिंह के नेतृत्व में हिलजात्रा का मंचन किया। दुर्गा दत्त भट्ट के नेतृत्व में नगरौड़ा (बुंगाछीना) के दल द्वारा प्रस्तुत हिलजात्रा को काफी सराहा गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह माहरा ने बताया कि महोत्सव का समापन एक सितंबर को होगा। बताया कि 31 अगस्त को डीडीहाट के भनड़ा की टीम खेल, ठुलखेल, चांचरी आदि की प्रस्तुति देगी। समिति के विक्रांत पुनेड़ा ने बताया कि बृहस्पतिवार को सतगढ़ की टीम हिलजात्रा का प्रदर्शन करेगी।
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समिति के शिवराज सिंह अधिकारी, हीरा बल्लभ पांडेय, भुवन पांडे, हेमराज बिष्ट, दीपक गुप्ता, दीपक नगरकोटी, मनीष नगरकोटी आदि महोत्सव संचालन में सहयोग कर रहे हैं। संचालन जनार्दन उप्रेती जन्नू दा कर रहे हैं। उधर, नाचनी क्षेत्र के बिर्थी के भगवती नंदा के मंदिर में मंगलवार की देर रात तक लोक कला से जुड़े कार्यक्रमों के साथ ही भजनों की धूम मची। महिलाओं ने चांचरी का सुंदर प्रदर्शन किया।
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