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Pithoragarh News: चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा धीमा
Sun, 09 Apr 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 09 Apr 2023 11:35 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी से मिलम के लिए बन रही सामरिक महत्व की सड़क निर्माण में चट्टानें तो कभी मौसम बाधक बना रहता है। 65 किमी लंबी मुनस्यारी- धापा मार्ग के लिए अभी 12 किलोमीटर सड़क काटी जानी शेष है। इस सड़क के बनने से चीन सीमा तक पहुंच आसान हो जाएगी।
वर्ष 2008 में मिलम से बुगडियार तक 65 किमी सड़क निर्माण काम शुरू हुआ। मिलम से बुगडियार तक बीआरओ ने लगभग 32 किमी स्वयं काटी जबकि धापा से बुगडियार तक एबीसीआई कंपनी लगभग 21 किमी सड़क काट चुकी है, जिसमें 18 किमी सड़क पर डामरीकरण हो चुका है। अब लगभग 12 किमी सड़क काटी जानी शेष है। यह सड़क सामरिक दृष्टि से महत्वूपर्ण है।
इसके बावजूद सड़क निर्माण का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इसका कारण विषम भौगोलिक परिस्थितियां, उच्च हिमालयी और दुर्गम क्षेत्र है। सड़क काटने के लिए बीआरओ ने मशीनों को हेलिकॉप्टरों की मदद से वहां पहुंचाया है लेकिन कठिन चट्टानें और बार-बार मौसम के बाधक बनने से सड़क निर्माण का कार्य तेजी से नहीं हो पा रहा है। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि मिलम सड़क सामरिक महत्व की सड़क है। इस सड़क के निर्माण के बाद मुनस्यारी के दुर्गम गांवों तक पहुंच आसान हो जाएगी। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में तेजी लाई जानी चाहिए।
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वर्ष 2008 में मिलम से बुगडियार तक 65 किमी सड़क निर्माण काम शुरू हुआ। मिलम से बुगडियार तक बीआरओ ने लगभग 32 किमी स्वयं काटी जबकि धापा से बुगडियार तक एबीसीआई कंपनी लगभग 21 किमी सड़क काट चुकी है, जिसमें 18 किमी सड़क पर डामरीकरण हो चुका है। अब लगभग 12 किमी सड़क काटी जानी शेष है। यह सड़क सामरिक दृष्टि से महत्वूपर्ण है।
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इसके बावजूद सड़क निर्माण का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इसका कारण विषम भौगोलिक परिस्थितियां, उच्च हिमालयी और दुर्गम क्षेत्र है। सड़क काटने के लिए बीआरओ ने मशीनों को हेलिकॉप्टरों की मदद से वहां पहुंचाया है लेकिन कठिन चट्टानें और बार-बार मौसम के बाधक बनने से सड़क निर्माण का कार्य तेजी से नहीं हो पा रहा है। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि मिलम सड़क सामरिक महत्व की सड़क है। इस सड़क के निर्माण के बाद मुनस्यारी के दुर्गम गांवों तक पहुंच आसान हो जाएगी। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में तेजी लाई जानी चाहिए।
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