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Pithoragarh News: मानसून से पहले हो सीमांत में सड़क, संचार, स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण
Sun, 14 Jun 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़। व्यास, दारमा और चौंदास घाटी में दूरसंचार, मोटर मार्ग, स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य मोनिका चलाल ने डीएम आशीष कुमार भटगांई को ज्ञापन दिया। उन्होंने मानसून काल से पहले ही समस्याओं के समाधान की मांग की।
मेनका चलाल ने कहा कि तीनों घाटियां पहले से आपदा प्रभावित या संभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित हैं। व्यास, दारमा और चौंदास घाटी के ग्रामीण इस समय ग्रीष्मकालीन प्रवास पर हैं। 15 जून से क्षेत्र में पारंपरिक पौराणिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ शुरू होनी हैं। इन अनुष्ठान में शामिल होने के लिए स्थानीय लोगों के साथ साथ अन्य राज्यों और विदेशों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दूरसंचार व्यवस्था चरमराई हुई है। सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे मोबाइल टावर में शाम होने के बाद बैकअप ईंधन की व्यवस्था समय पर नहीं की जा रही।
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उन्होंने कहा कि मानसून काल में जगह-जगह सड़कें बंद हो जाती हैं और यातायात लंबे समय तक सुचारु नहीं हो पाता। उन्होंने समय से ऐसे चिह्नित स्थानों पर मशीनों और ईंधन का स्टॉक रखे जाने, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, खाद्य सामग्री की उपलब्धता और आपातकाल में हेली सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
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मेनका चलाल ने कहा कि तीनों घाटियां पहले से आपदा प्रभावित या संभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित हैं। व्यास, दारमा और चौंदास घाटी के ग्रामीण इस समय ग्रीष्मकालीन प्रवास पर हैं। 15 जून से क्षेत्र में पारंपरिक पौराणिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ शुरू होनी हैं। इन अनुष्ठान में शामिल होने के लिए स्थानीय लोगों के साथ साथ अन्य राज्यों और विदेशों से भी लोग पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दूरसंचार व्यवस्था चरमराई हुई है। सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे मोबाइल टावर में शाम होने के बाद बैकअप ईंधन की व्यवस्था समय पर नहीं की जा रही।
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उन्होंने कहा कि मानसून काल में जगह-जगह सड़कें बंद हो जाती हैं और यातायात लंबे समय तक सुचारु नहीं हो पाता। उन्होंने समय से ऐसे चिह्नित स्थानों पर मशीनों और ईंधन का स्टॉक रखे जाने, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, खाद्य सामग्री की उपलब्धता और आपातकाल में हेली सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।