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Pithoragarh News: बंद सड़कों ने रोडवेज बसों के पहियों पर लगाया ब्रेक
Fri, 04 Sep 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बंद सड़कों ने रोडवेज बसों के पहियों पर भी ब्रेक लगा दिया है। बंद हो रहीं सड़कों पर निगम के लिए बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कई रूटों पर बसों का संचालन रुकने से यात्री परेशान हैं। यात्रियों को मजबूरन टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
सीमांत जिले में हो रही बारिश से सड़कें लगातार बंद हो रही हैं। घाट-पिथौरागढ़ हाईवे के साथ ही थल-मुनस्यारी, सातशिलिंग-थल आदि सड़कों पर लगातार पहाड़ियां दरक रही हैं।
वहीं धारचूला-तवाघाट सड़क पर भी पहाड़ी दरकने से आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। अन्य सड़कें भी कई दिन से बंद हैं। ऐसे में लगातार बंद हो रहीं सड़कों पर रोडवेज बसों का नियमित संचालन भी चुनौती बना है। बीते एक महीने से पांगला, दो महीने से धरमघर, मुवानी जबकि तीन महीने से बांसबगड़ रूट पर बसों का संचालन ठप है।
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वहीं झूलाघाट के साथ ही दिल्ली और देहरादून रूट पर एक-एक सेवा बंद करनी पड़ी है। सड़कों से बसें गायब होने से यात्री बेबस हैं। यात्रियों को टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। बांसबगड़ के नारायण सिंह, मुवानी के दयाकृष्ण भट्ट आदि ने कहा कि सिस्टम बदहाल सड़कों को ठीक नहीं कर पा रहा है। सड़कों की बदहाली के चलते निगम बसों का संचालन रोक रहा है इससे लोग परेशान हैं।
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टायरों के अभाव में भी खड़ीं हो रही हैं बसें
सार्वजनिक परिवहन का सबसे मजबूत आधार रोडवेज बसों के लिए टायर भी नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि पिथौरागढ़ डिपो में टायरों के अभाव में पांच बसें वर्कशॉप में खड़ी हो गईं हैं। वहीं अन्य बसों को भी डिपो पुराने टायरों के भरोसे संचालित कर रहा है। मानसूनकाल में मलबे से पटी सड़कों पर पुराने टायरों के सहारे दौड़ रहीं बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने का भी खतरा बना हुआ है। डिपो आए दिन नए टायरों की मांग कर रहा है लेकिन निगम इसके लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में डिपो के लिए तय रूटों पर पर्याप्त बसों का संचालन करना चुनौती बना हुआ है।
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तय रूटों पर नियमित रूप से पर्याप्त बसों के संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कें बंद होने से कुछ रूटों पर बसों का संचालन रोकना पड़ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। -रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
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सीमांत जिले में हो रही बारिश से सड़कें लगातार बंद हो रही हैं। घाट-पिथौरागढ़ हाईवे के साथ ही थल-मुनस्यारी, सातशिलिंग-थल आदि सड़कों पर लगातार पहाड़ियां दरक रही हैं।
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वहीं धारचूला-तवाघाट सड़क पर भी पहाड़ी दरकने से आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। अन्य सड़कें भी कई दिन से बंद हैं। ऐसे में लगातार बंद हो रहीं सड़कों पर रोडवेज बसों का नियमित संचालन भी चुनौती बना है। बीते एक महीने से पांगला, दो महीने से धरमघर, मुवानी जबकि तीन महीने से बांसबगड़ रूट पर बसों का संचालन ठप है।
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वहीं झूलाघाट के साथ ही दिल्ली और देहरादून रूट पर एक-एक सेवा बंद करनी पड़ी है। सड़कों से बसें गायब होने से यात्री बेबस हैं। यात्रियों को टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। बांसबगड़ के नारायण सिंह, मुवानी के दयाकृष्ण भट्ट आदि ने कहा कि सिस्टम बदहाल सड़कों को ठीक नहीं कर पा रहा है। सड़कों की बदहाली के चलते निगम बसों का संचालन रोक रहा है इससे लोग परेशान हैं।
टायरों के अभाव में भी खड़ीं हो रही हैं बसें
सार्वजनिक परिवहन का सबसे मजबूत आधार रोडवेज बसों के लिए टायर भी नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि पिथौरागढ़ डिपो में टायरों के अभाव में पांच बसें वर्कशॉप में खड़ी हो गईं हैं। वहीं अन्य बसों को भी डिपो पुराने टायरों के भरोसे संचालित कर रहा है। मानसूनकाल में मलबे से पटी सड़कों पर पुराने टायरों के सहारे दौड़ रहीं बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने का भी खतरा बना हुआ है। डिपो आए दिन नए टायरों की मांग कर रहा है लेकिन निगम इसके लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में डिपो के लिए तय रूटों पर पर्याप्त बसों का संचालन करना चुनौती बना हुआ है।
तय रूटों पर नियमित रूप से पर्याप्त बसों के संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कें बंद होने से कुछ रूटों पर बसों का संचालन रोकना पड़ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। -रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो