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Pithoragarh News: मलबा और कीचड़ से दबी सड़क, सफर के लिए खोज रहे 10 हजार लोग
Thu, 08 Oct 2026 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:29 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। सड़कों पर सफर सुरक्षित बनाने के दावे तो खूब हो रहे हैं जो धरातल पर बेअसर हैं। 25 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली मदकोट-जौलढुंगा सड़क इसका प्रमाण है। मलबे और कीचड़ से पटी इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो रही है पैदल सफर तो दूर की बात है। मलबे और कीचड़ में वाहन रपट रहे हैं इससे इनके दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
क्षेत्र की 10 हजार की आबादी इस सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर है। इस सड़क पर बसंतकोट, बोथी, उच्छैती, ढीलम, जौलढुंगा, फल्याटी सहित आसपास की ग्रामसभाओं के हजारों लोग आवागमन करते हैं।
गड्ढों के साथ मलबे और कीचड़ से पटी इस सड़क पर दुर्घटना के डर से चालक वाहनों का संचालन करने से दूरी बना रहे हैं और ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चे पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं।
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क्षेत्र के लोगों ने कई बार पीएमजीएसवाई के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क सुधारीकरण की गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। सिस्टम की इस लापरवाही से ग्रामीण हैरान भी हैं और परेशान भी। वहीं जिम्मेदार सड़क सुधारीकरण न कर किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जल्द सड़क का सुधारीकरण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। संवाद
बोले ग्रामीण
सड़क की बदहाली हम पर भारी पड़ रही है। वाहन चालक बदहाल सड़क पर वाहनों का संचालन नहीं कर रहे हैं और हमें पैदल चलना पड़ रहा है। बीमारों और गर्भवतियों को भी डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं। - विक्की पाना, फाफा
- कई बार शासन-प्रशासन और पीएमजीएसवाई से सड़क सुधारीकरण की मांग की कई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क बनाने का क्या लाभ जब वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है। सड़क नहीं सुधरी तो आंदोलन करेंगे। मनोज पालीवाल, बसंतकोट
- सड़क गड्ढों, मलबा और कीचड़ से पटी है। वाहन रपटने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सिस्टम की लापरवाही हम पर भारी पड़ सकती है। यदि सड़क नहीं सुधरी तो यह लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। - मंगल सिंह, बसंतकोट
- कई बार पीएमजीएसवाई के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क सुधारीकरण की मांग की जा चुकी है। सिस्टम लापरवाही बरतते हुए लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है। जल्द सड़क नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा। - भावना दानू, जिला पंचायत सदस्य, मदकोट
-
कोट -
ईई के साथ सड़क का निरीक्षण किया जा चुका है। संबंधित ठेकेदार से सड़क सुधारीकरण के लिए वार्ता की गई है। पोकलैन मशीन काम में लगाई जा चुकी है। जल्द दो जेसीबी भी सड़क सुधारीकरण में लगाई जाएंगी। - गुरुप्रीत सिंह, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई, मुनस्यारी
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क्षेत्र की 10 हजार की आबादी इस सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर है। इस सड़क पर बसंतकोट, बोथी, उच्छैती, ढीलम, जौलढुंगा, फल्याटी सहित आसपास की ग्रामसभाओं के हजारों लोग आवागमन करते हैं।
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गड्ढों के साथ मलबे और कीचड़ से पटी इस सड़क पर दुर्घटना के डर से चालक वाहनों का संचालन करने से दूरी बना रहे हैं और ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चे पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं।
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क्षेत्र के लोगों ने कई बार पीएमजीएसवाई के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क सुधारीकरण की गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। सिस्टम की इस लापरवाही से ग्रामीण हैरान भी हैं और परेशान भी। वहीं जिम्मेदार सड़क सुधारीकरण न कर किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जल्द सड़क का सुधारीकरण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। संवाद
बोले ग्रामीण
सड़क की बदहाली हम पर भारी पड़ रही है। वाहन चालक बदहाल सड़क पर वाहनों का संचालन नहीं कर रहे हैं और हमें पैदल चलना पड़ रहा है। बीमारों और गर्भवतियों को भी डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं। - विक्की पाना, फाफा
- कई बार शासन-प्रशासन और पीएमजीएसवाई से सड़क सुधारीकरण की मांग की कई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क बनाने का क्या लाभ जब वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है। सड़क नहीं सुधरी तो आंदोलन करेंगे। मनोज पालीवाल, बसंतकोट
- सड़क गड्ढों, मलबा और कीचड़ से पटी है। वाहन रपटने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सिस्टम की लापरवाही हम पर भारी पड़ सकती है। यदि सड़क नहीं सुधरी तो यह लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। - मंगल सिंह, बसंतकोट
- कई बार पीएमजीएसवाई के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क सुधारीकरण की मांग की जा चुकी है। सिस्टम लापरवाही बरतते हुए लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है। जल्द सड़क नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा। - भावना दानू, जिला पंचायत सदस्य, मदकोट
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कोट -
ईई के साथ सड़क का निरीक्षण किया जा चुका है। संबंधित ठेकेदार से सड़क सुधारीकरण के लिए वार्ता की गई है। पोकलैन मशीन काम में लगाई जा चुकी है। जल्द दो जेसीबी भी सड़क सुधारीकरण में लगाई जाएंगी। - गुरुप्रीत सिंह, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई, मुनस्यारी