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Pithoragarh News: दो भाइयों के रूस में बंधक की सूचना फर्जी
Sat, 25 Jul 2026 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 25 Jul 2026 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला के कालिका निवासी दो सगे भाइयों के रूप में बंधक बनाने के मामले का पटाक्षेप हुआ है। परिजनों की दोनों को बंधक बनाए जाने की सूचना फर्जी निकली। पुलिस के मुताबिक, दोनों भाई रूस में सुरक्षित हैं और नौकरी कर रहे हैं।
बीते बृहस्पतिवार को कालिका हाल निवासी जिला मुख्यालय के चिमस्यानौला निवासी तनुजा कार्की ने जिलाधिकारी को पत्र देकर उनके पति भूपेंद्र सिंह कार्की और जेठ आनंद सिंह कार्की के रूप में बंधक बनाए जाने की जानकारी देते हुए उन्हें सुरक्षित लाने की गुहार लगाई।
तनुजा ने बताया कि एक एजेंसी ने दोनों भाइयों को नौकरी लगाने के नाम पर रूस भेजा। 20 दिनों से उनसे कोई संपर्क नहीं हो रहा है। दोनों को रूस में बंधक बनाकर उनका वीजा और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज किसी ने कब्जे में ले लिए हैं। जब पुलिस ने एजेंसी से बात की तो दोनों के बंधक बनााने की जानकारी फर्जी निकली।
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पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने कहा कि जांच में सामने आया कि दोनों भाई पांच मई को तीन वर्षीय वर्क परमिट पर सितारगंज की एक एजेंसी के माध्यम से रोजगार के लिए रूस गए थे।
एक भाई आनंद सिंह कार्की से वीडियो कॉल से संपर्क किया गया। उसने बताया कि वह और उसका भाई रूस के मॉस्को में कूरियर हाउस में बारकोड स्कैनिंग का काम कर रहे हैं और सुरक्षित हैं। उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज उनके पास हैं। वे परिजनों के साथ संपर्क में हैं। उन्हें बंधक नहीं बनाया गया है।
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बीते बृहस्पतिवार को कालिका हाल निवासी जिला मुख्यालय के चिमस्यानौला निवासी तनुजा कार्की ने जिलाधिकारी को पत्र देकर उनके पति भूपेंद्र सिंह कार्की और जेठ आनंद सिंह कार्की के रूप में बंधक बनाए जाने की जानकारी देते हुए उन्हें सुरक्षित लाने की गुहार लगाई।
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तनुजा ने बताया कि एक एजेंसी ने दोनों भाइयों को नौकरी लगाने के नाम पर रूस भेजा। 20 दिनों से उनसे कोई संपर्क नहीं हो रहा है। दोनों को रूस में बंधक बनाकर उनका वीजा और पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज किसी ने कब्जे में ले लिए हैं। जब पुलिस ने एजेंसी से बात की तो दोनों के बंधक बनााने की जानकारी फर्जी निकली।
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पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने कहा कि जांच में सामने आया कि दोनों भाई पांच मई को तीन वर्षीय वर्क परमिट पर सितारगंज की एक एजेंसी के माध्यम से रोजगार के लिए रूस गए थे।
एक भाई आनंद सिंह कार्की से वीडियो कॉल से संपर्क किया गया। उसने बताया कि वह और उसका भाई रूस के मॉस्को में कूरियर हाउस में बारकोड स्कैनिंग का काम कर रहे हैं और सुरक्षित हैं। उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज उनके पास हैं। वे परिजनों के साथ संपर्क में हैं। उन्हें बंधक नहीं बनाया गया है।