अपात्रों के नाम बीपीएल सूची से हटाएं
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विकासखंड मूनाकोट के दूरस्थ सिमखोला, कोटली, रूईना, दिगांस गांवों के भ्रमण के दौरान मंगलवार को लोगों ने जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा के सामने अपात्रों का नाम बीपीएल सूची में दर्ज करने और पात्रों को वंचित किए जाने का मामला उठाया। इस पर डीएम ने बीडीओ, राजस्व उपनिरीक्षक और ग्राम विकास अधिकारी को आदेश दिया कि तत्काल अपात्रों के नाम सूची से हटाए जाएं और उनकी जगह पात्रों के नाम शामिल किए जाएं। दिगांस गांव के लोगों ने बताया कि 25 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उस इलाके में तैनात स्वजल परियोजना के प्रेरक को तत्काल उस इलाके से हटाने के आदेश दिए। साथ ही एक महीने के भीतर सभी परिवारों के शौचालय बनाने को कहा।
ग्रामीणों ने बताया कि नौ साल पहले सड़क का निर्माण हुआ था, लेकिन अब तक कटी जमीन का मुआवजा नहीं मिला। इसी तरह गांव तक सड़क होने के बावजूद रसोईगैस का वाहन न आने की समस्या भी बताई। डीएम ने कहा कि इसी हफ्ते से गांव में रसोईगैस की गाड़ी पहुंचेगी और मुआवजा दिलाने के लिए आज ही से कार्रवाई शुरू की जा रही है। गांव की गरीब महिला नीला देवी की परित्यक्ता पेंशन मौके पर ही मंजूर की गई। दिगांस गांव में कई लोगों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड नहीं मिल पाए हैं। यह समस्या भी डीएम के सामने उठी।
ग्राम पंचायतों में चल रहे हर विकास कार्य की जानकारी को अपडेट रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सिमखोला के प्रगतिशील काश्तकार रघुवीर सिंह के काम को देखकर डीएम प्रभावित हुए और अन्य लोगों से भी इसी तरह का उद्यम करने को कहा। डीएम ने करीब पांच किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। उनके साथ डीडीओ गोपाल गिरी, परियोजना निदेशक नरेश कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना, जिला उद्यान अधिकारी डा. मीनाक्षी जोशी, डीएसओ मनोज बर्मन, लोनिवि के ईई पीसी जोशी आदि अधिकारी थे।