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Pithoragarh News: राया के जंगल में लगी आग, वन संपदा राख
Wed, 25 Feb 2026 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 25 Feb 2026 11:05 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। वन विभाग के तमाम जागरूकता अभियान के बाद भी जंगलों का धधकना शुरू हो गया है। राया का जंगल पूरी रात जलता रहा। हैरानी की बात है कि न तो किसी ने वन विभाग को इसकी सूचना देना उचित समझा और न जिम्मेदारों को इसकी भनक लगी। इस लापरवाही के चलते लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई।
मंगलवार की रात बांसबगड़ के रायां गांव का पंचायती वन आग से सुलगता रहा। आग से मिश्रित वन में चीड़, बांज, फल्यांट सानन आदि कई प्रजाति के पेड़ जल गए। आग से वन्य जीवों को भी नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। हैरानी है कि ग्रामीणों ने न तो वनाग्नि नियंत्रण का प्रयास किया और न ही वन विभाग को सूचना दी।
वन बीट अधिकारी जसवंत देउपा ने बताया कि गांव से किसी भी व्यक्ति ने आग लगने की सूचना नहीं दी। यदि सूचना मिलती तो वह टीम के साथ मौके पर पहुंच कर आग पर नियंत्रण करते। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के प्रत्येक वन पंचायतों में सरपंच की अध्यक्षता में वनाग्नि नियंत्रण पर गोष्ठियां कर ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है। बावजूद इसके ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिलना चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम राया के जंगल भेजी जाएगी।
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मंगलवार की रात बांसबगड़ के रायां गांव का पंचायती वन आग से सुलगता रहा। आग से मिश्रित वन में चीड़, बांज, फल्यांट सानन आदि कई प्रजाति के पेड़ जल गए। आग से वन्य जीवों को भी नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। हैरानी है कि ग्रामीणों ने न तो वनाग्नि नियंत्रण का प्रयास किया और न ही वन विभाग को सूचना दी।
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वन बीट अधिकारी जसवंत देउपा ने बताया कि गांव से किसी भी व्यक्ति ने आग लगने की सूचना नहीं दी। यदि सूचना मिलती तो वह टीम के साथ मौके पर पहुंच कर आग पर नियंत्रण करते। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के प्रत्येक वन पंचायतों में सरपंच की अध्यक्षता में वनाग्नि नियंत्रण पर गोष्ठियां कर ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है। बावजूद इसके ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिलना चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम राया के जंगल भेजी जाएगी।
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