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के भलो विकास दी रै भारत सरकार ले...
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:43 PM IST
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जौलजीबी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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जौलजीबी मेले में ज्वालेश्वर सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकारों ने जमकर धमाल मचाया। सरकार की नीतियों के प्रचार में कई गीत पेश किए गए। कला केंद्र की अध्यक्ष भगवती दनपुरिया के नेतृत्व में जब कलाकारों ने-के भलो विकास दी रै भारत सरकार ले, गौं हमर खुशहाल है ग्यो गारंटी रोजगार ले गीत पेश किया तो लोग झूमने लगे।
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कलाकारों ने मनरेगा के कारण गांवों में आ रहे बदलाव पर रोशनी डालने का प्रयास किया। इसके अलावा आदम जनजाति वनरावतों के उत्थान पर भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वनरावतों को अभी शिक्षा, सफाई, स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से जोड़ने की जरूरत है। इनकी बोली के संरक्षण के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
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ज्वालेश्वर सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकार पुष्कर दनपुरिया, सुनीता, तनीशा जोशी, चंपा ज्वारी, विनीता, मनोज, राजू, धर्मेंद्र, गोविंद, धरम राम, कनक दनपुरिया, प्रिंस दनपुरिया, संध्या ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। जौलजीबी मेले में विभिन्न कार्यक्रम जारी हैं। तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता लीला बनंग्याल ने मेले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया। इसके अलावा फैंसी ड्रेस शो भी हुआ। मेलाधिकारी आरके पांडे ने बताया कि सरकारी स्टालों से लोगों को कई जानकारियां मिल रही हैं।
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500 और 1000 के नोट ले रहे व्यापारी
जौलजीबी मेले में व्यापारी बिना किसी संकोच के 500 और 1000 के नोट ले रहे हैं। भारत-तिब्बत व्यापार समिति के उपाध्यक्ष दिनेश गुंज्याल, अर्चना गुंज्याल, मुरादाबाद के व्यापारी नरेश कुमार, रामपुर के व्यापारी अरविंद कुमार, पंजाब के व्यापारी अमर सिंह, उमर अंसारी ने लोगों से कहा है कि वह अपने पुराने नोटों का प्रयोग जौलजीबी मेले में सामान की खरीदारी में कर सकते हैं। व्यापारियों ने मेला शुरू होने के दिन ही यह एलान कर दिया था।
नेपाल के लोगों के आने की रफ्तार बहुत कम
नोटबंदी के कारण नेपाल के लोग कम संख्या में मेले में आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय झूलापुल पर लोगों की भीड़ बहुत कम दिख रही है। हालांकि व्यापारी इस बात से आश्वस्त हैं कि नेपाल के लोग कुछ दिन बाद खरीदारी के लिए आएंगे। फिलहाल मेले ने व्यापारिक गति नहीं पकड़ी है। स्थानीय व्यापारी भी ग्राहकों को अपने स्तर से सहयोग देने के लिए तैयार हैं लेकिन बिक्री का स्तर नहीं बढ़ पाया है।