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Pithoragarh News: एनएच बंद रहने से सार्वजनिक और निजी परिवहन व्यवसाय को लाखों की चपत
Mon, 28 Sep 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़। नेशनल हाईवे करीब एक हफ्ते बंद रहने से सार्वजनिक और निजी परिवहन व्यवसाय को लाखों की चपत लगी है। इस कारण किलोमीटर के हिसाब से आय अर्जित करने वाले रोडवेज के पिथौरागढ़ डिपो के 80 फीसदी चालक-परिचालकों की आय पर भी असर पड़ा है। टैक्सियों का संचालन भी बंद रहने से मालिकों-संचालकों के सामने किश्त जमा करना मुश्किल हो रहा है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे बरसात के दौरान घाट क्षेत्र में कई बार बाधित हुआ। बरसात कम होने के बाद भी घाट क्षेत्र में मुन्ना बैंड (घाट बैंड), दिल्ली बैंड व अन्य जगहों पर भूस्खलन की समस्या लगातार बनी हुई है। पिछले करीब एक हफ्ते से मुन्ना बैंड में बोल्डर और मलबा गिरने से बसों के साथ ही अन्य यात्री वाहनों की आवाजाही पर अत्यधिक असर पड़ा है।
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कर्मचारियों की आय पर असर
पिथौरागढ़ डिपो की 20 बसें प्रतिदिन दिल्ली, लखनऊ, गुड़गांव, देहरादून, बरेली जैसे लंबे रूटों के साथ ही अन्य स्थानों के लिए आना-जाना करती हैं। यदि एक बस का औसत आना-जाना एक हजार किलोमीटर भी मानें तो प्रतिदिन 20 बसों का 20 हजार किलोमीटर का ट्रिप पड़ता है लेकिन सड़क बंद होने से एक हफ्ते के भीतर इस बस बेड़े का ट्रिप कभी 10 तो कभी सात हजार तक पहुंच गया। अनुमान है कि इस दौरान डिपो की आय में करीब 50 लाख की कमी आई है। बसें ठप होने से सबसे बुरा असर उन चालक-परिचालकों की आय पर पड़ा है जिन्हें हर दिन चलने पर किलोमीटर के हिसाब से मानदेय मिलता है।
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हर दिन 600 टैक्सियां करती हैं आवागमन
पिथौरागढ़ से प्रतिदिन लगभग 600 से अधिक टैक्सियां दिल्ली, देहरादून, बरेली सहित अन्य बड़े शहरों के लिए आवाजाही करती हैं। यदि एक टैक्सी की हर दिन की पांच हजार की बचत मानकर चलें तो 600 टैक्सियों का संचालन बंद रहने से करीब तीन लाख का नुकसान टैक्सी व्यवसाय को हुआ है। रास्ते में फंसी गाड़ियों में भूस्खलन की चपेट में आकर टूट-फूट भी हुई है।
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सड़क बंद होने से डिपो को पिछले तीन दिनों में ही करीब 25 लाख का नुकसान हुआ है। अन्य दिनों को मिलाकर यह आंकड़ा 40 लाख को पार कर सकता है। सड़क बंद होने से डिपो के साथ ही यात्री और अन्य लोग भी परेशान रहे हैं। -रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
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सड़कें बंद होने से टैक्सी व्यवसायियों को भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों को अब किश्त जमा करने आदि में मुश्किलें आ रही हैं।
-नवल किशोर, महासचिव, महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल
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टनकपुर-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे बरसात के दौरान घाट क्षेत्र में कई बार बाधित हुआ। बरसात कम होने के बाद भी घाट क्षेत्र में मुन्ना बैंड (घाट बैंड), दिल्ली बैंड व अन्य जगहों पर भूस्खलन की समस्या लगातार बनी हुई है। पिछले करीब एक हफ्ते से मुन्ना बैंड में बोल्डर और मलबा गिरने से बसों के साथ ही अन्य यात्री वाहनों की आवाजाही पर अत्यधिक असर पड़ा है।
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कर्मचारियों की आय पर असर
पिथौरागढ़ डिपो की 20 बसें प्रतिदिन दिल्ली, लखनऊ, गुड़गांव, देहरादून, बरेली जैसे लंबे रूटों के साथ ही अन्य स्थानों के लिए आना-जाना करती हैं। यदि एक बस का औसत आना-जाना एक हजार किलोमीटर भी मानें तो प्रतिदिन 20 बसों का 20 हजार किलोमीटर का ट्रिप पड़ता है लेकिन सड़क बंद होने से एक हफ्ते के भीतर इस बस बेड़े का ट्रिप कभी 10 तो कभी सात हजार तक पहुंच गया। अनुमान है कि इस दौरान डिपो की आय में करीब 50 लाख की कमी आई है। बसें ठप होने से सबसे बुरा असर उन चालक-परिचालकों की आय पर पड़ा है जिन्हें हर दिन चलने पर किलोमीटर के हिसाब से मानदेय मिलता है।
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हर दिन 600 टैक्सियां करती हैं आवागमन
पिथौरागढ़ से प्रतिदिन लगभग 600 से अधिक टैक्सियां दिल्ली, देहरादून, बरेली सहित अन्य बड़े शहरों के लिए आवाजाही करती हैं। यदि एक टैक्सी की हर दिन की पांच हजार की बचत मानकर चलें तो 600 टैक्सियों का संचालन बंद रहने से करीब तीन लाख का नुकसान टैक्सी व्यवसाय को हुआ है। रास्ते में फंसी गाड़ियों में भूस्खलन की चपेट में आकर टूट-फूट भी हुई है।
सड़क बंद होने से डिपो को पिछले तीन दिनों में ही करीब 25 लाख का नुकसान हुआ है। अन्य दिनों को मिलाकर यह आंकड़ा 40 लाख को पार कर सकता है। सड़क बंद होने से डिपो के साथ ही यात्री और अन्य लोग भी परेशान रहे हैं। -रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
सड़कें बंद होने से टैक्सी व्यवसायियों को भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों को अब किश्त जमा करने आदि में मुश्किलें आ रही हैं।
-नवल किशोर, महासचिव, महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल