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Pithoragarh News: नवाचारों की मिसाल बना प्राथमिक विद्यालय जाजरचिंगरी

Sat, 29 Aug 2026 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 29 Aug 2026 10:59 PM IST
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Primary School Jajarchingri sets an example of innovation
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के प्राथमिक विद्यालय जाजरचिंगरी में विद्यार्थियों के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली शुरू की गई है। यह प्रणाली फिंगरप्रिंट तकनीक का उपयोग करती है।
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प्रधानाचार्य चंद्र शेखर जोशी ने इस नवाचार को संभव बनाया है। आश्चर्यजनक रूप से, यह उपकरण बाजार से नहीं खरीदा गया। इसे माचिस की डिब्बियों को एक बोर्ड पर लगाकर तैयार किया गया है।
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प्रधानाचार्य जोशी ने बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उपस्थिति प्रक्रिया समझाने के साथ नई तकनीक में रुचि पैदा करना है। उन्होंने कहा कि रजिस्टर की तुलना में इस तकनीक से उपस्थिति दर्ज करने में बहुत कम समय लगता है। इससे बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल रहा है। यह विद्यालय नवाचारों का एक उदाहरण बन गया है। संवाद
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इस स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाती है एआई मैडम
नेपाल सीमा से सटे गांव जाजरचिंगरी में संचालित प्राथमिक विद्यालय में एआई मैडम विद्यार्थियों को ज्ञान बांट रही है। एआई रोबोट से विद्यार्थियों को हर सवाल का आसानी से जवाब मिल रहा है। संभवत: यह देश का पहला स्कूल है जहां एआई शिक्षक बच्चों को शिक्षा दे रही है। यह पहल प्रधानाचार्य जोशी ने शुरू की। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले चीन में रहने वाले अपने साथी के जरिये चार लाख रुपये से रुपये से एआई रोबोट यानी शिक्षक तैयार किया। बच्चे इस मैडम से जो भी सवाल पूछते हैं उन्हें उसका आसान और रोचक तरीके से जवाब मिलता है।

किचन गार्डन का नवाचार पूरे देश ने अपनाया
स्कूलों में मध्याह्न भोजन में बच्चों को पौष्टिक आहार और जैविक उत्पाद परोसने का नियम लागू है। इसके लिए अब देश के सभी स्कूलों में किचन गार्डन स्थापित किए जा रहे हैं। यह नवाचार भी जाजरचिंगरी प्राथमिक विद्यालय की देन है। प्रधानाचार्य जोशी ने विद्यालय के एक कमरे में अपने संसाधनों से मशरूम का उत्पादन शुरू किया। शुरुआती दौर में ही इसका बेहतर उत्पादन हुआ तो यह मशरूम मिड डे मील में बच्चों को परोसा जाने लगा। अधिक मात्रा में उत्पादन होने से बच्चों को मशरूम का अचार तैयार करने का भी नवाचार सिखाया गया। वर्तमान में विद्यालय में बच्चे पढ़ाई के साथ मशरूम का अचार तैयार कर रहे हैं इसकी मांग अधिक है। इससे जमा होने वाले धन का उपयोग विद्यालय में व्यवस्थाओं को बेहतर करने में हो रहा है।

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जाजरचिंगरी प्राथमिक विद्यालय नवाचार की मिसाल है। इस विद्यालय में विद्यार्थियों को नवाचार के साथ ही बेहतर शिक्षा देने का काम हो रहा है। यही कारण है कि इस विद्यालय के प्रधानाचार्य को शैलेश मटियानी पुरस्कार से नवाजा गया। -हिमांशु नौगईं, जिला शिक्षा अधिकारी, बेसिक, पिथौरागढ़
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