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हराली के कमल प्राइवेट नौकरी छोड़ बने सेना में अफसर
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कमल भट्ट।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। देवलथल तहसील के हराली गांव निवासी कमल प्राइवेट नौकरी छोड़ सेना में अधिकारी बने हैं। उनकी सफलता से घर परिवार में खुशी का माहौल है। कमल के पास आउट होने के बाद उनके घर में बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा है।
सेना की वर्दी पहनने का जज्बा ऐसा था कि कमल ने प्राइवेट नौकरी छोड़ कड़ी मेहनत से सपने को साकार किया। कमल का परिवार अब बस्ते में रहता है। कमल के पिता रमेश चंद्र भट्ट सेवानिवृत्त सूबेदार और मां भावना देवी गृहणी हैं। कमल ने वर्ष 2012 में केवि से 12वीं परीक्षा पास की। बीटेक की पढ़ाई के बाद दो साल बंगलूरू की अमेजॉन कंपनी में नौकरी की। इसी दौरान उन्होंने कड़ी मेहनत कर सेना में अधिकारी बनने के सपने को पूरा किया। कमल की बड़ी बहन प्रियंका एम्स ऋषिकेश के हृदय रोग विभाग में नर्सिंग ऑफिसर हैं। कमल की सफलता पर घर परिवार में खुशी है।
गौलचौरा गणाई के देवेश बने सेना में लेफ्टिनेंट
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। ग्राम गौलचौरा निवासी देवेश जोशी पुत्र गिरीश चंद्र जोशी देहरादून के 146वें बैच से पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। देवेश के पिता गिरीश इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। माता गृहणी हैं। देवेश के दादा एमएम जोशी आर्मी से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। देवेश ने सफलता का श्रेय माता, पिता, दादा, शिक्षकों को दिया। ब्लॉक प्रमुख अर्चना गंगोला, बबलू जोशी, मोहन जोशी, दीनदयाल उपाध्याय, भगवान बोरा, गिरीश उपाध्याय, देवेंद्र मेहता, राजेंद्र उपाध्याय, चंचल सिंह आदि लोगों ने बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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सेना की वर्दी पहनने का जज्बा ऐसा था कि कमल ने प्राइवेट नौकरी छोड़ कड़ी मेहनत से सपने को साकार किया। कमल का परिवार अब बस्ते में रहता है। कमल के पिता रमेश चंद्र भट्ट सेवानिवृत्त सूबेदार और मां भावना देवी गृहणी हैं। कमल ने वर्ष 2012 में केवि से 12वीं परीक्षा पास की। बीटेक की पढ़ाई के बाद दो साल बंगलूरू की अमेजॉन कंपनी में नौकरी की। इसी दौरान उन्होंने कड़ी मेहनत कर सेना में अधिकारी बनने के सपने को पूरा किया। कमल की बड़ी बहन प्रियंका एम्स ऋषिकेश के हृदय रोग विभाग में नर्सिंग ऑफिसर हैं। कमल की सफलता पर घर परिवार में खुशी है।
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गौलचौरा गणाई के देवेश बने सेना में लेफ्टिनेंट
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। ग्राम गौलचौरा निवासी देवेश जोशी पुत्र गिरीश चंद्र जोशी देहरादून के 146वें बैच से पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। देवेश के पिता गिरीश इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। माता गृहणी हैं। देवेश के दादा एमएम जोशी आर्मी से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। देवेश ने सफलता का श्रेय माता, पिता, दादा, शिक्षकों को दिया। ब्लॉक प्रमुख अर्चना गंगोला, बबलू जोशी, मोहन जोशी, दीनदयाल उपाध्याय, भगवान बोरा, गिरीश उपाध्याय, देवेंद्र मेहता, राजेंद्र उपाध्याय, चंचल सिंह आदि लोगों ने बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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