Pithoragarh: पानी के लिए सड़कों पर उतरी भीड़, हाथों में देव ध्वज लेकर किया प्रदर्शन; निकाली जन आक्रोश रैली
पिथौरागढ़ और चंपावत क्षेत्र में इन दिनों लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। हाल यह है कि कही-कही पांच किलोमीटर दूर से लोग पानी ढो रहे हैं। तो कही लोगों को पांचवे दिन मात्र 10 मिनट के लिए ही पानी नसीब हो रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिथौरागढ़ जिले में पानी के लिए देव ध्वजाओं और ढोल दमाऊं के साथ स्थानीय लोक देवताओं के जयकारे लगाकर लोग सड़कों पर उतरे। इससे पूर्व नगर के लोग रामलीला मैदान में हुई महापंचायत के बाद सड़कों पर उतरे। महापंचायत में लोगों ने पेयजल समस्या का समाधान न होने पर अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया। इस दौरान संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि अगर पेयजल की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई तो जल संस्थान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बुधवार को नगर और ग्रामीण रामलीला मैदान में एकत्र हुए। यहां संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पानी के लिए महापंचायत हुई। लोगों ने कहा कि मई और जून माह में जल संस्थान पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पाया। इसके बाद भी लोगों को बिल भेजे गए हैं। इन बिलों का किसी भी हाल में भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी आंवलाघाट पेयजल योजना और घाट पेयजल योजना भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुकी हैं। दोनों योजनाओं की एसआईटी जांच होनी चाहिए। इसके बाद स्थानीय लोक देवताओं के जयकारे लगाकर लोगों ने देव ध्वजाएं हाथों में लेकर ढोल दमाऊं के साथ कलक्ट्रेट तक जनआक्रोश रैली निकाली। कलक्ट्रेट में किसी भी अधिकारी के नहीं होने पर नाराजगी जताई। कहा कि लोग पेयजल के लिए तड़प रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या से पल्ला झाड़ रहे हैं। इस मौके पर पूर्व सैनिक संगठन, जाग उठा पहाड़, बार संघ, सीनियर सिटीजन, सस्ता गल्ला विक्रेता संगठन सहित कई महिला संगठन के लोग मौजूद रहे।
ये पढ़ें- Champawat: मूसलाधार बारिश से एनएच और घाट पनार मोटर मार्ग बंद, मलबा आने से फंसे वाहन; यात्रियों को हुई दिक्कत
आधे नगर में नहीं आया पानी
आंवलाघाट पेयजल योजना से पानी नहीं आने से आधे नगर में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाई। जल संस्थान ने कुछ स्थानों पर टैंकर के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की। लोगों का कहना है कि जल निगम की लापरवाही के कारण आंवलाघाट पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस योजना में लगे पंप खराब हैं। इसके बाद भी उन्हें ठीक नहीं किया जा रहा है।
सीएम के सामने रखेंगे समस्या
जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर का कहना है कि समस्या को लेकर जल्द ही वह जिले के भ्रमण पर आ रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन देेंगे। उनका कहना है कि 22 जून से उग्र आंदोलन किया जाएगा। अगर पेयजल योजनाओं की जांच नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।
करोड़ों रुपये की दो बड़ी योजना होने के बाद भी पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अगर शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होता है तो विरोध जताया जाएगा। जनता पेयजल संकट से जूझ रही है। इसके बाद भी चुने हुए जनप्रतिनिधि आवाज नहीं उठा रहे हैं।
-दान सिंह वल्दिया, पूर्व सैनिक।
जल संस्थान, जल निगम, जनप्रतिनिधि और सरकार को हम चेतावनी देते हैं कि पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पेयजल समस्या के समाधान के लिए कई बार अधिकारियों को बता दिया गया है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
-दयानंद भट्ट, सीनियर सिटीजन।
दो माह से पानी की समस्या से जूझ रहा है। 15 दिन से पिथौरागढ़ में आंदोलन किया जा रहा है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। मई और जून माह के पेयजल बिलों का भुगतान नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर जल संस्थान के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज भी कराया जाएगा।
-मोहन चंद्र भट्ट, बार संघ अध्यक्ष पिथौरागढ़।
पांच माह से पानी नहीं आ रहा है। पुराने प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इसके बाद भी पेयजल संकट से निजात नहीं दिलाई जा रही है। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। - -ईश्वरी पंत, महिला
क्षेत्र में पेयजल किल्लत से भाजपाइयों का गुस्सा फूटा
टनकपुर में बुधवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक के नेतृत्व में भाजपाई जल संस्थान कार्यालय धमके। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नलों में पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है, इससे पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। इस पर नाराजगी जताते हुए ईई बिलाल युनुस से दूरभाष पर वार्ता की गई। तीन दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। मौके पर तुलसी कुंवर, कपिल उप्रेती, वकील अंसारी, योगेश पांडे, मुनीष वाल्मीकि, मोहित गड़कोटी, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल की आपूर्ति कर बन रहा है मध्यान्ह भोजन
पिथौरागढ़ जिले में 132 प्राथमिक और 30 जूनियर हाई स्कूल पेयजल विहीन हैं। इन विद्यालयों को जल जीवन मिशन योजना के तहत पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने हैं, लेकिन अभी तक ये विद्यालय पेयजल सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन भी प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी लाकर बनाया जा रहा है।
132 प्राथामिक और 30 जूनियर हाई स्कूल में पानी नहीं होने के कारण यहां पढ़ने वाले 2180 बच्चों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बच्चे मजबूरी घर से भारी बस्ते के साथ पानी की बोतल ले जाने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी विद्यालयों में पानी पहुंचाने का कार्य पूरा हो जाएगा। जिले में 343 प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल में बिजली नहीं है। इससे बच्चों का अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है।
90 विद्यालय हैं कम्प्यूटर विहीन
जिले के 90 प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल में पढ़ने वालों बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा आज भी सपना बना है। इन विद्यालयों में कंप्यूटर के लिए शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव बनाया है। कब इन विद्यालयों को कम्प्यूटर उपलब्ध होंगे इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है।
पेयजल विहीन विद्यालयों में जल जीवन मिशन योजना में पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बिजली पहुंचाने के लिए यूपीसीएल को लिखा गया है। इसके अलावा विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- अशोक कुमार जुकरिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.