पिथौरागढ़ में 1000 बालकों पर 1032 कन्याओं का जन्म
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जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि मई से अब तक जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में कन्याओं की संख्या में आशाजनक सुधार आया है। जिले में पहले उपलब्ध कराई गई रिपोर्टों में कहा गया था कि जिले में लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 920 महिलाओं का था लेकिन शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने अपने एएनएम के माध्यम से कराई गई सर्वे के आधार पर जो रिपोर्ट जारी की है उसके अनुसार मई में 1000 पुरुषों पर 1029 महिलाएं, जुलाई में 1000 पुरुषों पर 1038 महिलाएं और सितंबर में 1000 बालकों पर 1032 कन्याओं ने जन्म लिया।
प्रभारी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाए गए अभियानों, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान और अल्ट्रासाउंड केंद्रों में ट्रैकिंग डिवाइस सिस्टम लगाए जाने से कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं रुकी हैं। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर प्राधिकारी सलाहकार समिति का गठन किया जाए और विभिन्न प्रचार माध्यमों के सहारे लोगों को जागरूक किया जाए। डीएम ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाने को कहा है। इसमें एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. यूएस अधिकारी ने लिंगानुपात पर ताजा आंकड़े जारी करते हुए कहा कि बालिकाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मई से अब तक जो आंकड़े मिले हैं उसके अनुसार बालकों की तुलना में बालिकाओं का जन्म अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि अभियानों को सख्ती से जारी रखा जाएगा। ताकि लिंगानुपात का संतुलन बना रहे।