पिथौरागढ़। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निजी अस्पतालों के खिलाफ अपने घरों में रहकर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में अस्पतालों ने लूट मचाई है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को युकां जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने घरों पर रहकर सरकार के खिलाफ धरना दिया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से अधिकतर मरीजों को बाहर रेफर किया जा रहा है। क्योंकि यहां के सरकारी अस्पताल मात्र रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। ऐसे में जब लोग यहां से बाहर निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जा रहे हैं तो वहां निजी अस्पतालों में लोगों को महंगे दाम में बेड, ऑक्सीजन, आईसीयू ,वेंटिलेटर दिए जा रहे हैं। इससे कोरोना काल में लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित गाइडलाइन में मध्यम बीमार रोगी के लिए ऑक्सीजन बेड का किराया 8000 , गंभीर रूप से बीमार रोगी के लिए आईसीयू और ऑक्सीजन का किराया 12000 और अति गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए आईसीयू , वैंटिलेटर और ऑक्सीजन का किराया 14000 तय है। पर निजी अस्पताल इसका खुलेआम मजाक बना रहे हैं जोकि आम लोगों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है । यूथ कांग्रेस ने कहा की सरकार ने जल्द ही निजी अस्पतालों पर नकेल नहीं कसी तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।