Pithoragarh: दक्षिण अफ्रीका से 18 दिन बाद भी भारत नहीं आया गौरव का शव, माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
धारचूला के गुर्गवा गांव निवासी गौरव सिंह धामी का दिल का दौरा पड़ने से दो अगस्त को निधन हो गया था। 18 दिन बाद भी उसका शव भारत नहीं लाया जा सका है। माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।
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धारचूला के गुर्गवा गांव निवासी गौरव सिंह धामी का दिल का दौरा पड़ने से दो अगस्त को निधन हो गया था। 18 दिन बाद भी उसका शव भारत नहीं लाया जा सका है। माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर मृतक का शव भारत लाने के लिए उचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
धारचूला ब्लॉक के गर्गुवा गांव निवासी गौरव दक्षिण अफ्रीका में एक मरीन सर्विस कंपनी में कार्यरत थे। दो अगस्त को कंपनी के पर्सनल मैनेजर ने परिजनों को गौरव का दिल का दौरा पड़ने से निधन होने की सूचना दी। इसके बाद तीन अगस्त को कंपनी के दो कर्मियों ने हल्द्वानी आकर दिल का दौरा पड़कर निधन होने की बात परिजनों को बताई। इसके बाद परिजनों ने शव को भारत लाने के लिए जरूरी कागजात कंपनी को भेजे।
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रांथी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने इस संबंध में एसडीएम के माध्यम से विदेश मंत्री को पत्र भेजा था। इसके बावजूद इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शव को भारत लाने का इंतजार कर रहे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सदमे से परिजनों का स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगा है। केशर सिंह ने एसडीएम मंजीत सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर गौरव सिंह का शव भारत लाने की गुहार लगाई है।