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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बूंदीगाड़ में जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे लोग
Wed, 27 May 2020 06:32 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 06:32 PM IST
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नजंग नाले में इस तरह हो रही वाहनों की आवाजाही।
- फोटो : AMAR UJALA
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पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बूंदीगाड़ के पास जान जोखिम में डालकर लोगों को आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मानसून काल शुरू होने से पूर्व अगर यहां पर पुल का निर्माण नहीं किया गया तो व्यास वैली के सात गांवों के लोगों के लिए दिक्कत हो सकती है। नजंगगाड़ के पास बीआरओ द्वारा पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल के निर्माणाधीन होने के कारण यहां पर गाड़ के रास्ते वाहनों की आवाजाही की जा रही है।
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ग्लेशियरों के पिघलने के बाद व्यास वैली के क्षेत्र के छोटे बड़े नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिस कारण बूंदीगाड़ नाला भी उफान पर चल रहा है। बूंदीगाड़ में पुल के नहीं बनने के कारण बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाभी, रांककांग, कुटी के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक दिक्कतें लोगों को यहां से खाद्यन्न सामग्री पहुंचाने में हो रही है। वाहनों की आवाजाही कम होने के कारण पैदल अपने गांवों को जा रहे लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने यहां पर शीघ्र पुल का निर्माण करने की मांग की है।
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सीमांत के गांवों के लिए घोड़े खच्चर पर लादकर पहुंचाया जा रहा है सामान]
चीन सीमा के निकट तक लिंक हो चुकी घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क अभी कच्ची है। कुछ स्थानों पर सड़क संकरी है। गुंजी तक पहाड़ी से पत्थर गिरने या फिर थोड़ी सी चूक होते ही नदी में समाने का खतरा बना रहता है। इससे वाहनों की आवाजाही कम ही है। लोग खच्चरों और घोड़ों पर सामान लादकर घरों तक पहुंचा रहे हैं।
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