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दहशत में जी रहे बंगापानी के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Thu, 02 Jul 2015 11:04 PM IST
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बंगापानी के लोगों की हर दिन और रात दहशत में गुजरती है। अप्रैल में बंगापानी में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर दो व्यापारियों की मौत हो गई थी। इस बार बारिश का सीजन शुरू होते ही लोगों में खौफ है। बंगापानी को सरकार ने तहसील मुख्यालय तो बना दिया है, लेकिन कस्बे की सुरक्षा को लेकर व्यापारी खासे चिंतित हैं।
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गोरी के कटाव और पहाड़ी से गिरे पत्थरों से हमेशा खतरा बना रहता है। अब व्यापारियों ने इन समस्याओं से लड़ने के लिए व्यापार संघ का गठन किया है और सुरक्षा के उपाय करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का फैसला लिया है। व्यापारियों की बैठक में कहा गया कि भूस्खलन के खतरे से बचाव के लिए ठोस उपाय किए जाने की जरूरत है। व्यापारियों ने कस्बे में सुलभ शौचालय बनाने की भी मांग रखी। बाद में व्यापार संघ का गठन किया गया, जिसमें हुकुम सिंह धामी को व्यापार संघ का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। अभी अन्य पदाधिकारियों का चयन किया जाना है।
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सुरक्षा के उपाय अब तक नहीं
बंगापानी में पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना के तुरंत बाद आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने दौरा किया था। टीम ने खतरनाक चट्टानों को देखने के बाद कहा कि इनको हटाने के उपाय किए जाएंगे। तीन महीने बीत गए हैं लेकिन अब तक सुरक्षा के कदम नहीं उठाए गए हैं। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है। भाजपा ब्लाक अध्यक्ष कवींद्र देवली ने कहा कि सरकार तत्काल बंगापानी कस्बे की सुरक्षा को कदम उठाए।
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