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Pithoragarh News: 75 करोड़ की पेयजल योजना फाइलों में सिमटी
Fri, 25 Oct 2024 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 25 Oct 2024 11:07 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। विकासखंड के 22 गांवों के 30 हजार लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनने वाली 75 करोड़ की पंपिंग योजना फाइलाें में सिमटी है। चार महीने पहले योजना की डीपीआर तैयार कर ली गई लेकिन इसे अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में क्षेत्र के लोग पानी की समस्या का सामना करते हुए प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर हैं।
गंगोलीहाट विकासखंड के लाली, खतेड़ा, भाटगांव, हनेरा, चौड़ियार, चुड़ियागैर, नोदुंगा, नड़कदो, हाट, पठक्यूड़ा, रावलगांव, कुंजनपुर, खेतिगाड़ा, पुनोली, चुतरापानी सहित 22 गांवों के 30 हजार लोगों को जल संकट से मुक्ति दिलाने के दावे कर रामगंगा नदी से 75 करोड़ की पंपिंग योजना को स्वीकृति दी गई। चार महीने पहले जापान की जायका कंपनी ने इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजी। लंबा समय बीतने के बाद भी इसे वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है और यह योजना सिर्फ फाइलों में सिमटकर रह गई है। क्षेत्र में बनी पेयजल योजनाओं से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। ऐसे में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाकर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मजबूर हैं और हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना चलाकर इसकी सफलता के दावे हो रहे हैं। संवाद
तकनीकी समिति से हरी झंडी मिलने का है इंतजार
गंगोलीहाट। राज्य आंदोलनकारी कल्याण सिंह धानिक, सुरेंद्र बिष्ट, भूपेश पंत, संजय बोरा का कहना है की रामगंगा से पंपिंग योजना बनने के बाद लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद थी। बताया कि तकनीकी समिति की हरी झंडी न मिलने से इसके निर्माण में देरी हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द योजना को धरातल पर उतारने की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।
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पंपिंग योजना स्वीकृत है। जल्द ही तकनीकी टीम से इसे हरी झंडी मिलेगी। वित्तीय स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद योजना का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
रवि सिंह, जेई, जल निगम, गंगोलीहाट।
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गंगोलीहाट विकासखंड के लाली, खतेड़ा, भाटगांव, हनेरा, चौड़ियार, चुड़ियागैर, नोदुंगा, नड़कदो, हाट, पठक्यूड़ा, रावलगांव, कुंजनपुर, खेतिगाड़ा, पुनोली, चुतरापानी सहित 22 गांवों के 30 हजार लोगों को जल संकट से मुक्ति दिलाने के दावे कर रामगंगा नदी से 75 करोड़ की पंपिंग योजना को स्वीकृति दी गई। चार महीने पहले जापान की जायका कंपनी ने इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजी। लंबा समय बीतने के बाद भी इसे वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है और यह योजना सिर्फ फाइलों में सिमटकर रह गई है। क्षेत्र में बनी पेयजल योजनाओं से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। ऐसे में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाकर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मजबूर हैं और हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना चलाकर इसकी सफलता के दावे हो रहे हैं। संवाद
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तकनीकी समिति से हरी झंडी मिलने का है इंतजार
गंगोलीहाट। राज्य आंदोलनकारी कल्याण सिंह धानिक, सुरेंद्र बिष्ट, भूपेश पंत, संजय बोरा का कहना है की रामगंगा से पंपिंग योजना बनने के बाद लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद थी। बताया कि तकनीकी समिति की हरी झंडी न मिलने से इसके निर्माण में देरी हो रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द योजना को धरातल पर उतारने की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।
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पंपिंग योजना स्वीकृत है। जल्द ही तकनीकी टीम से इसे हरी झंडी मिलेगी। वित्तीय स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद योजना का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
रवि सिंह, जेई, जल निगम, गंगोलीहाट।