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पिथौरागढ़: अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे
Mon, 13 Feb 2023 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 13 Feb 2023 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़। सेवानिवृत्त ईपीएफ-95 पेंशनर्स संघर्ष समिति की बैठक में पेंशन बढ़ोतरी को लेकर चर्चा की गई। तय किया गया कि संघर्ष समिति अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए तैयार है।
बस स्टेशन में जगदीश बोरा की अध्यक्षता में हुई सभा में मुख्य अतिथि उत्तराखंड राष्ट्रीय संघर्ष समिति के महासचिव सुरेेश डंगवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर एनएसी की ओर से 159 विभागों के लगभग 67 लाख सेवानिवृत्तों के भविष्य से जुड़े पेंशन वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी दो बार प्रधानमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन ईपीएफओ के उपेक्षा पूर्ण रवैये के कारण केंद्र सरकार ने देश के इन वरिष्ठ नागरिकों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है जबकि इन वृद्ध साथियों ने अपने 30, 35 साल के सेवाकाल में वेतन से प्रति माह पेंशन फंड में 450-517-1250 का योगदान देकर देश के विकास में योगदान किया। इसके लिए उन्हें बुढ़ापे में 500 से 3000 रुपये तक पेंशन मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2022 में एक सितंबर 2014 के बाद सेवानिवृत्तों को हायर वेतन पर पेंशन दिए जाने का निर्णय दिया। इसके लिए कर्मचारियों को संयुक्त विकल्प पत्र भरने की बाध्यता रखी गई। ईपीएफओ ने इन आदेशों के परिप्रेक्ष्य में सर्कुलर जारी कर कुठाराघात किया है। बैठक में जनपद सचिव मनोहर सिंह जेठी, कुमाऊं- गढ़वाल मंडल विकास निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी, मोहन देव भट्ट, रविंद्र सिंह, एनडी जोशी आदि पूर्व कर्मी उपस्थित रहे।
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बस स्टेशन में जगदीश बोरा की अध्यक्षता में हुई सभा में मुख्य अतिथि उत्तराखंड राष्ट्रीय संघर्ष समिति के महासचिव सुरेेश डंगवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर एनएसी की ओर से 159 विभागों के लगभग 67 लाख सेवानिवृत्तों के भविष्य से जुड़े पेंशन वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी दो बार प्रधानमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन ईपीएफओ के उपेक्षा पूर्ण रवैये के कारण केंद्र सरकार ने देश के इन वरिष्ठ नागरिकों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है जबकि इन वृद्ध साथियों ने अपने 30, 35 साल के सेवाकाल में वेतन से प्रति माह पेंशन फंड में 450-517-1250 का योगदान देकर देश के विकास में योगदान किया। इसके लिए उन्हें बुढ़ापे में 500 से 3000 रुपये तक पेंशन मिल रही है।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2022 में एक सितंबर 2014 के बाद सेवानिवृत्तों को हायर वेतन पर पेंशन दिए जाने का निर्णय दिया। इसके लिए कर्मचारियों को संयुक्त विकल्प पत्र भरने की बाध्यता रखी गई। ईपीएफओ ने इन आदेशों के परिप्रेक्ष्य में सर्कुलर जारी कर कुठाराघात किया है। बैठक में जनपद सचिव मनोहर सिंह जेठी, कुमाऊं- गढ़वाल मंडल विकास निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी, मोहन देव भट्ट, रविंद्र सिंह, एनडी जोशी आदि पूर्व कर्मी उपस्थित रहे।