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बीमार महिला को डोली से पहुंचाया 30 किलोमीटर दूर अस्पताल
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बीमार महिला को उपचार के लिए खतरनाक पहाड़ी से लेकर जाते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। मलबा आने से मुनस्यारी की झापुली-बोना सड़क बंद है। इससे ग्रामीणों को एक बीमार महिला को डोली में रखकर 30 किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। ग्रामीणों ने सड़क शीघ्र खोलने और आपदा काल में बोना अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की मांग की है।
कुंदन बृजवाल की पत्नी गीता देवी का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया। सड़क बंद होने और बोना अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण ग्रामीण गीता देवी को उपचार के लिए डोली में रखकर मदकोट के लिए रवाना हुए। सड़क में मलबा और कई स्थानों पर चलने लायक न होने से ग्रामीणों को खतरनाक चट्टानी रास्तों से गुजरना पड़ा। खराब मौसम के बीच ग्रामीणों ने बीमार महिला को उफनाते नालों को पार कर 30 किमी दूर मदकोट अस्पताल पहुंचाया। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष विक्रम दानू का कहना है कि बोना अस्पताल में आठ माह से चिकित्सक नहीं हैं।
डीएम के निर्देश पर जिस चिकित्सक को वहां भेजा गया था उन्हें मदकोट सीएचसी में संबद्ध कर दिया गया है जबकि मदकोट सीएचसी में पहले से ही दो डॉक्टर तैनात हैं। उनका कहना है कि झापुली से बोना तक सड़क एक सप्ताह से बंद है। कई स्थानों पर सड़क पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई है। सड़क बंद होने के कारण रविवार को ग्रामीणों को अपनी जान हथेली पर रखकर बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उनका कहना है कि किसी के बीमार होने पर ऐसी स्थिति कभी भी आ सकती है। उन्होंने डीएम डॉ. आशीष चौहान से अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती करने और बंद सड़क को जल्द खोलने की मांग की है।
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कुंदन बृजवाल की पत्नी गीता देवी का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया। सड़क बंद होने और बोना अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण ग्रामीण गीता देवी को उपचार के लिए डोली में रखकर मदकोट के लिए रवाना हुए। सड़क में मलबा और कई स्थानों पर चलने लायक न होने से ग्रामीणों को खतरनाक चट्टानी रास्तों से गुजरना पड़ा। खराब मौसम के बीच ग्रामीणों ने बीमार महिला को उफनाते नालों को पार कर 30 किमी दूर मदकोट अस्पताल पहुंचाया। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष विक्रम दानू का कहना है कि बोना अस्पताल में आठ माह से चिकित्सक नहीं हैं।
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डीएम के निर्देश पर जिस चिकित्सक को वहां भेजा गया था उन्हें मदकोट सीएचसी में संबद्ध कर दिया गया है जबकि मदकोट सीएचसी में पहले से ही दो डॉक्टर तैनात हैं। उनका कहना है कि झापुली से बोना तक सड़क एक सप्ताह से बंद है। कई स्थानों पर सड़क पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई है। सड़क बंद होने के कारण रविवार को ग्रामीणों को अपनी जान हथेली पर रखकर बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उनका कहना है कि किसी के बीमार होने पर ऐसी स्थिति कभी भी आ सकती है। उन्होंने डीएम डॉ. आशीष चौहान से अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती करने और बंद सड़क को जल्द खोलने की मांग की है।
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