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बुखार की दवा के लिए जाना पड़ता है 55 किमी दूर पिथौरागढ़
Thu, 16 May 2019 11:36 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो पीपली(पिथौरागढ़)।
अमर उजाला ब्यूरो पीपली(पिथौरागढ़)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 16 May 2019 11:36 PM IST
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अपराजिता के तहत आयोजित चौपाल में समस्याओं पर चर्चा करते डौड़ा गांव के महिला-पुरुष।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत नेपाल सीमा से लगे डौड़ा गांव में चौपाल आयोजित की गई। इसमें गांव की तमाम समस्याओं पर चर्चा की गई। महिलाओं ने कहा कि उनके गांव में स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है। बुखार की दवा के लिए भी यहां से 55 किमी दूर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। गांव की पेयजल योजना के ध्वस्त होने से पिछले सात माह से दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। महिलाओं ने अवैध रूप से गांव में बेची जा रही शराब पर भी सख्ती से पाबंदी लगाने की मांग की।
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चौपाल में महिलाओं ने स्वास्थ्य की सबसे बड़ी समस्या बताई। कहा कि यहां पर अस्पताल नहीं है। मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है। ऐसे में किसी के बीमार होने पर आपातकालीन 108 सेवा का लाभ भी नहीं ले पाते हैं। सड़क बेहद खस्ताहाल है। बरसात में बार-बार सड़क बंद हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण के मलबे से गांव को आने वाली पेयजल योजना सात माह पूर्व टूट गई थी, जिसे आज तक नहीं सुधारा गया है। गांव की एक हजार की आबादी मिट्टी युक्त पानी पीने के लिए मजबूर है। रास्तों की बदहाली और झूल रहे बिजली के तारों को लेकर भी चर्चा हुई।
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कहा कि इसकी जानकारी विभाग को देने के बाद भी कोई सुध नहीं ली जाती है। शिक्षा को लेकर हुई चर्चा में महिलाओं ने कहा कि गांव में प्राथमिक और एक हाईस्कूल है लेकिन बेहतर शिक्षा की उम्मीद में अधिकांश लोग बच्चों को शहरी क्षेत्रों में पढ़ा रहे हैं।
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बताया कि इस समय डौड़ा गांव के 65 बच्चे पिथौरागढ़ शहर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि चुनावों में उन्हें आश्वासन दिए जाते हैं उसके बाद कोई सुध नहीं ली जाती है। महिलाओं ने कहा कि अधिकांश लोग अपनी मेहनत की कमाई शराब में उड़ा देते हैं। कहा कि शराब बेचने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें 40 ग्रामीणों ने संकल्प पत्र भरे।
चौपाल में ये रहे उपस्थित-
पूर्व जिला पंचायत सदस्य मदन मोहन भट्ट, प्रधान नरेंद्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश सिंह, कपिल सिंह, पंकज सिंह, गोविंदी, मानमती, विमला, निर्मला, कमला, तुलसी, पूजा भाट, काशीराम, सुरेश राम, गोपाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह, हरीश सिंह, धरम सिंह, पदम सिंह, मोहन सिंह, प्रेम राम, केशव सिंह, पंकज सिंह।
परिचर्चा
:- गांव में पीने के लिए शुद्ध पानी तो नहीं हैं लेकिन अवैध रूप से शराब बेची जाती है। इस पर अंकुश लगना चाहिए। - गोविंदी देवी।
:- गांव में पानी की समस्या है। नलों में पानी नहीं आने से गधेरों का दूषित पानी पी रहे हैं। कोई सुध नहीं ली जाती है। - मानमती देवी।
:- सड़क बेहद खराब हाल में है। संचार की कोई सुविधा नहीं है। नेपाली सिम से बातचीत करनी पड़ती है। - विमला देवी।
:- सड़क ठीक नहीं होने से आपातकाल में 108 एंबुलेंस नहीं आती है। गांव में अस्पताल खुलना चाहिए। - निर्मला देवी।
:- डौड़ा गांव में लोग मेहनत की कमाई शराब में उड़ा रहे हैं। शराब पर बेचने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - कमला देवी।
:- गांव के पैदल मार्ग बदहाल हैं। खेतों में जाने के लिए रास्ते नहीं हैं। सड़क सुधार और मोबाइल टावर लगना चाहिए। - तुलसी देवी।