{"_id":"5762e2c74f1c1b966d11bbc4","slug":"pankaj-grandfather-s-dream-became-an-officer-in-the-army","type":"story","status":"publish","title_hn":"दादा का सपना पूरा कर सेना में अफसर बने पंकज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दादा का सपना पूरा कर सेना में अफसर बने पंकज
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
सैन्य अफसर पंकज महर अपने परिजनों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़ के असुरदेव गांव (मड़मानले) गांव के स्वर्गीय नैन सिंह महर अपने पोते पंकज महर को सेना में अफसर देखना चाहते थे। दादा यह देखने के लिए जिंदा नहीं रहे, लेकिन पोते ने दादा का सपना साकार करते हुए न केवल सेना में अफसर बनकर दिखाया, बल्कि बिहार की आफीसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में पासिंग आउट परेड में थल सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग के हाथों ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिलने वाला स्वार्ड ऑफ आनर सम्मान हासिल किया।
विज्ञापन
असुरदेव गांव के रिटायर्ड सूबेदार आनंद सिंह महर के सुपुत्र पंकज ने बचपन से ही आर्मी अफसर बनने का सपना देखा था। उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की। 12वीं तक की शिक्षा विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से प्राप्त करने वाले पंकज ने वर्ष 2012 में आर्मी में कमीशन के लिए नामांकन कराया। पहले ही प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई।
विज्ञापन
11 जून को आफीसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया (बिहार) में पासिंग आउट परेड में स्वार्ड ऑफ आनर के साथ लेफ्टीनेंट बने पंकज को भारतीय सेना में अफसर बनने और दादा के सपने को साकार करने पर फर्क है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता और परिजनों को श्रेय दिया है। पासिंग आउट परेड में पिता आनंद सिंह महर, मां सरोज महर, बहन प्रिया और चाचा गोपाल सिंह महर पंकज को आशीर्वाद देने के लिए मौजूद थे।
विज्ञापन