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चामा गांव के लोगों में मतदान को लेकर उत्साह नहीं

Mon, 13 Feb 2017 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट Updated Mon, 13 Feb 2017 10:49 PM IST
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Our enthusiasm for the village people do not vote in Chama
डीडीहाट का उपेक्षित चामा गांव - फोटो : अमर उजाला

डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के सबसे दूरस्थ चामा मतदान केंद्र में 13 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर पोलिंग पार्टी पहुंच चुकी है। 15 फरवरी को होने वाले मतदान की पोलिंग पार्टी ने तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन चामा गांव के लोगों में मतदान को लेकर कोई उत्साह नहीं है। वर्षों से विकास के नाम पर गुमराह किए जा रहे लोगों का कहना है कि इस बार भी वोट देने से क्या होगा। चुनाव से पहले गांव तक प्रत्याशी और उनके एजेंट पहुंचते रहे हैं, लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता।

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चामा गांव में 44 परिवार हैं और आबादी 200 है। गांव में वोटरों की संख्या 132 है। गांव के लोगों को आज भी गाड़ी पकड़ने के लिए 13 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। गांव में पेयजल और स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है। हर पांच साल में होने वाले चुनाव के समय गांव के लोगों से वोट मांगने तो जरूर राजनीतिक दलों के लोग पहुंचते हैं, लेकिन उसके बाद समस्याओं के समाधान की पहल नहीं होती।
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गांव के लोगों का कहना है कि चुनाव का इतना बड़ा आयोजन हो रहा है और राजनीतिक दलों में एक-दूसरे की टांग खिंचाई से फुर्सत नहीं है। घोर संकटों में जी रहे लोगों का मुद्दा किसी के एजेंडे में नहीं रहता। गांव के लोगों का कहना है कि वोट जरूर डालेंगे, लेकिन इस बात की कोई उम्मीद नहीं है कि जीतने वाला कभी इस गांव की समस्या को हल करेगा।
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आंदोलन के बाद भी नहीं ली सुध
चामा गांव के प्रधान लाल सिंह चौहान का कहना है कि सुविधाओं को लेकर कई बार आंदोलन किए, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। अब समझ में नहीं आ रहा है कि कौन सा रास्ता अपनाया जाए। बुजुर्ग महिला गांगुली देवी कहती हैं कि हर चुनाव में सड़क बनाने का वादा जरूर किया जाता है, लेकिन सड़क नहीं बनी। भावना देवी का कहना है कि गांव में असुविधाओं के कारण जीवनयापन कठिन हो गया है।

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