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Pithoragarh: ग्रामीणों ने सेना पर लगाए गंभीर आरोप, 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की डीएम से मुलाकात; जानें नतीजा

Sat, 06 Apr 2024 07:18 PM IST
हीरा मेहरा शालू दताल, संवाद
शालू दताल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 06 Apr 2024 07:18 PM IST
सार

गुंजी के ग्रामीणों ने शिवधाम के लिए प्रस्तावित जमीन पर सेना की ओर से निर्माण करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में डीएम ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। 

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Opposition to construction of army on proposed Shivdham land in Gunji Pithoragarh
पिथौरागढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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गुंजी के ग्रामीणों ने शिवधाम के लिए प्रस्तावित जमीन पर सेना की ओर से निर्माण करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में डीएम ने मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले में उचित कार्यवाही की मांग की है।

शनिवार को गुंजी के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सुरेश गुंज्याल के नेतृत्व में डीएम रीना जोशी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिवधाम के लिए प्रस्तावित जमीन पर पिछले कुछ महीनों से सेना की ओर से जबरन कब्जा कर लिया गया है। प्रशासन और ग्रामीणों के रोकने के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने इस संबंध में सीएम, राजस्व सचिव, पर्यटन सचिव और सेना के आला अधिकारियों को पत्र भेजकर सेना को चीन बॉर्डर के नजदीक अन्यत्र क्षेत्र में जमीन आवंटित कर विस्थापित करने की मांग की है।

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गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि मनेला में व्यास मेला के दौरान पारंपरिक, पौराणिक और धार्मिक महत्व के घुड़दौड़ की जमीन को सुरक्षित रखने और सीमांत के युवाओं में खेल को प्रोत्साहन और बढ़ावा देने के लिए एक मात्र मैदान को संरक्षित कर शिवधाम बनाने की भी सहमति दी गई है। श्मशान घाट के साथ ही देवभूमि की जनता की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए धार्मिक महत्व और मान्यताओं के प्राकृतिक शिला संरचनाओं को भी संरक्षित करने की मांग रखी गई है।


कहा कि सरकार ने सीमांत जनजातीय समुदाय को उपेक्षित करते हुए हमारी मांगें नहीं मानीं तो लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान जसमा गुंज्याल, अर्चना गुंज्याल,लक्ष्मी गुंज्याल, रविंद्र गुंज्याल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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