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वाहनों की संख्या 50 हजार, पार्किंग गिनी चुनी चार
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एआरटीओ कार्यालय में 50 हजार वाहन पंजीकृत हैं। वाहनों की इतनी बड़ी तादात के बावजूद पार्किंग की सुविधा नगण्य है। यहां तक कि जिला मुख्यालय में भी अब तक सिर्फ 200 वाहन क्षमता वाली मल्टी स्टोरी पार्किंग ही बन पाई है। शेष वाहन सड़कों के किनारे ही पार्क किए जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ में 20 हजार से अधिक दोपहिया वाहन हैं। बस, ट्रक, टैक्सी, कार सहित सभी वाहनों की संख्या करीब 50 हजार है। इसके अलावा बाहरी क्षेत्रों से भी वाहन जिले में आते हैं। इतना ही नहीं प्रतिदिन चार से छह नए वाहन प्रतिदिन सड़कों पर उतर रहे हैं। वाहनों की संख्या जिस लिहाज से बढ़ी है उस हिसाब से पार्किंग की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
नगरपालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत ने बताया कि पालिका की ओर से कुछ जगहों पर नए पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं। एक और मल्टी पार्किंग स्टोरी प्रस्तावित है, जिसके निर्माण से काफी हद तक पार्किंग की समस्या दूर हो जाएगी।
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हर सड़क बन चुकी है पार्किंग स्थल
पिथौरागढ़। पार्किंग का इंतजाम नहीं होने से पिथौरागढ़ नगर की हर सड़क अब पार्किंग बन चुकी है। पिथौरागढ़ के सिल्थाम से लेकर घंटाकरण तक सड़क किनारे निजी वाहन दिनभर पार्क रहते हैं। सिल्थाम से ग्रिफ बैंड तक टैक्सियों की पार्किंग है। बस स्टेशन और केमू स्टेशन के बीच में कुछ समय पूर्व से टैक्सियां पार्क की जा रही हैं। यहां पर टैक्सियों के जमावड़े के कारण यातायात बार-बार प्रभावित होता है। केमू स्टेशन में भी दिनभर टैक्सियां ही खड़ी रहती हैं। केमू स्टेशन से लेकर टकाना और जीआईसी तक सड़क किनारे कतारबद्ध वाहन पार्क रहते हैं। डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग और गंगोलीहाट तहसील मुख्यालयों में भी इसी तरह के हालात हैं। ऐसे में लोगों को कई बार पुलिस की चालानी कार्रवाई से भी जूझना पड़ता है।
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पिथौरागढ़ में 20 हजार से अधिक दोपहिया वाहन हैं। बस, ट्रक, टैक्सी, कार सहित सभी वाहनों की संख्या करीब 50 हजार है। इसके अलावा बाहरी क्षेत्रों से भी वाहन जिले में आते हैं। इतना ही नहीं प्रतिदिन चार से छह नए वाहन प्रतिदिन सड़कों पर उतर रहे हैं। वाहनों की संख्या जिस लिहाज से बढ़ी है उस हिसाब से पार्किंग की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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नगरपालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत ने बताया कि पालिका की ओर से कुछ जगहों पर नए पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं। एक और मल्टी पार्किंग स्टोरी प्रस्तावित है, जिसके निर्माण से काफी हद तक पार्किंग की समस्या दूर हो जाएगी।
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हर सड़क बन चुकी है पार्किंग स्थल
पिथौरागढ़। पार्किंग का इंतजाम नहीं होने से पिथौरागढ़ नगर की हर सड़क अब पार्किंग बन चुकी है। पिथौरागढ़ के सिल्थाम से लेकर घंटाकरण तक सड़क किनारे निजी वाहन दिनभर पार्क रहते हैं। सिल्थाम से ग्रिफ बैंड तक टैक्सियों की पार्किंग है। बस स्टेशन और केमू स्टेशन के बीच में कुछ समय पूर्व से टैक्सियां पार्क की जा रही हैं। यहां पर टैक्सियों के जमावड़े के कारण यातायात बार-बार प्रभावित होता है। केमू स्टेशन में भी दिनभर टैक्सियां ही खड़ी रहती हैं। केमू स्टेशन से लेकर टकाना और जीआईसी तक सड़क किनारे कतारबद्ध वाहन पार्क रहते हैं। डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग और गंगोलीहाट तहसील मुख्यालयों में भी इसी तरह के हालात हैं। ऐसे में लोगों को कई बार पुलिस की चालानी कार्रवाई से भी जूझना पड़ता है।