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नोटबंदी से परेशान विदेशी नागरिकों का घर पर किया सत्कार

Fri, 18 Nov 2016 10:17 PM IST
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 18 Nov 2016 10:17 PM IST
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Notbandi irritating blend of foreign citizens at home
पिथौरागढ़ में केदार दत्त पाठक के आवास पर भोजन करते विदेशी पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

अतिथियों के आदर सत्कार में हिंदुस्तान के लोगों का कोई सानी नहीं है। इस देश में अतिथियों को देवता का दर्जा दिया जाता है। अतिथि देवो भव की उक्ति को पिथौरागढ़ शहर के एक परिवार ने नोटबंदी के कारण परेशान 6 विदेशी नागरिकों और उनके एक साथी का घर पर आदर सत्कार कर साकार किया है।

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पोलैंड की युवती एंजिल किस कोसमाला, यूक्रेन की युवती ड्योनिवो ओलगो, रूस निवासी पर्वतारोही टार्जनोव एलकेसी, हैती निवासी फिल्म मेकर मैक्स स्टीफन ऑलीवर फैबलस, लिथीनिया निवासी रोकस जीसीवीसियश, फ्रांस निवासी लियोनिल मार्टिनेज उनके साथ मुंबई से आए डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर राहुल हिमांती पांडे 16 नवंबर को पिथौरागढ़ पहुंचे। इन लोगों के पास भारतीय करेंसी का अभाव था। विदेशी करेंसी बदलने के लिए यह लोग बैंकों के चक्कर काटने लगे। विदेशी करेंसी बदलने की सुविधा न होने की समस्या आड़े आ गई।
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बृहस्पतिवार को कूर्मांचल बैंक की शाखा में इन लोगों की मुलाकात थियेटर फॉर एजूकेशन इन मास सोसायटी (टीम) के सचिव योगेश पाठक से हुई। योगेश ने अपनी मां कविता पाठक, पिता केदार दत्त पाठक से विदेशी मेहमानों को घर पर भोज देने के लिए बात की। माता-पिता ने इसे सौभाग्य की बात बताते हुए शुक्रवार को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करने को कहा। विदेशी नागरिकों की दिक्कत को देखकर कूर्मांचल बैंक के शाखा प्रबंधक पंकज तिवारी ने इन लोगों को अपनी तरफ से 1000 रुपए दिए।
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शुक्रवार को दोपहर के भोजन के लिए विदेशी मेहमान पाठक परिवार के घर पहुंचे तो योगेश के माता, पिता के साथ ही बड़े भाई दिनेश पाठक, भाभी आशा पाठक, दीदी रेनू पाठक, छोटे आशीष पाठक, मुकुल पाठक ने मेहमानों की आवभगत की। मेहमानों को घी के साथ मडुवे की रोटी, धनियां का नमक, झोली-भात और भटिया (भट का बना विशेष व्यंजन) परोसा गया। टीका लगाकर, दक्षिणा देकर घर से विदा किया गया। स्वागत सत्कार से अभिभूत विदेशी मेहमानों ने दिल से पाठक परिवार का शुक्रिया अदा किया। इस समय इन लोगों के पास मात्र 4000 प्रचलित भारतीय मुद्रा है। 120 यूरो, 65 डालर हैं। एक दिसंबर को यह लोग नेपाल जाएंगे। यह लोग यहां रामकृष्ण मिशन के आश्रम में रह रहे हैं।

क्या हो सकता है मानवता का इससे बड़ा उदाहरण 
विदेशी नागरिकों का यह दल मुंबई के डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर राहुल हिमांती पांडे के साथ मानवता पर लघु फिल्म का निर्माण करने के लिए आया है। कुमाऊं के तमाम इलाकों में फिल्मांकन कर लिया है। नेपाल में फिल्मांकन होना है। यह लोग लघु फिल्म के जरिए विश्व को मानवता का संदेश देना चाहते हैं। पाठक परिवार ने जो किया है, उससे बड़ा मानवता का उदाहरण और क्या हो सकता है।


पीएम मोदी के फैसले की सराहना की
विदेशी मेहमानों ने ब्लैक मनी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदम की सराहना की। इन लोगों का कहना था कि भविष्य में इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। भारत तरक्की के रास्ते पर जाएगा।

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