फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Not even improved condition after spending 44 crores

44 करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं सुधरी हालत

Thu, 14 Sep 2017 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
ब्यूरो/अमर उजाला, थल Updated Thu, 14 Sep 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
Not even improved condition after spending 44 crores
थल बाजार में ऐसी हो गई सड़क की हालत - फोटो : अमर उजाला

थल से सातशिलिंग तक 50 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण और सुधारीकरण के नाम पर 44 करोड़ रुपये तो खर्च कर दिए गए, लेकिन इस सड़क की हालत सुधरने के बजाय और खराब हो गई है। थल बाजार में इस सड़क के 400 मीटर हिस्से पर न तो हॉटमिक्स बिछाया गया और न सड़क को चौड़ा किया गया। सड़क पर टूट-फूट के अलावा कई जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे यह सड़क अब लोगों के चलने लायक भी नहीं रह गई है। वर्ष 2015 में जब इस सड़क का काम शुरू हुआ तो तब से ही यह विवादों में आ गई। सुधारीकरण का काम शुरू होते ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे। कई बार सड़क को लेकर आंदोलन भी हो चुके हैं।

विज्ञापन


पिछले साल तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने जब इस सड़क का निरीक्षण किया तो उन्होंने जांच की सिफारिश कर दी। अब शासन ने भी सड़क निर्माण में हुए घपलों की जांच के आदेश दे दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी धन का इतना ज्यादा दुरुपयोग इसी सड़क पर हुआ है। थल मुख्य बाजार में 400 मीटर हिस्से पर हॉटमिक्स न किए जाने पर एडीबी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता डीपी आर्या का कहना है कि जल्दी ही इस सड़क पर हॉटमिक्स कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सड़क की शासन स्तर पर जांच हो रही है।
विज्ञापन


अब तक जांच रिपोर्ट सामने आ जानी चाहिए
स्थानीय निवासी गिरीश चंद्र भट्ट का कहना है कि एक साल पहले जांच का आदेश हो गया था। अब तक जांच रिपोर्ट सामने आ जानी चाहिए थी। वह कहते हैं कि कहीं ऐसा न हो कि जांच में भी लीपापोती कर दी जाए। उन्होंने कहा कि शासन को सख्त रुख अपनाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों की परेशानी की किसी को चिंता नहीं 
थल निवासी महेश चंद्र पाठक का कहना है कि सड़क के कारण लोगों को हो रही परेशानी की किसी को चिंता नहीं है। इस सड़क से कई मंत्री और अधिकारी दौरा कर चुके हैं, लेकिन लोगों की दिक्कत दूर करने की पहल नहीं हुई। वह कहते हैं कि सड़क को ठीक किया जाए और जांच जारी रखी जाए। 

आंदोलन का विभाग पर असर नहीं 
स्थानीय निवासी जगदीश चंद्र पाठक का कहना है कि आंदोलन का विभाग पर कोई असर ही नहीं पड़ता। लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं। अधिकारी आकर अगले एक-दो महीने में सड़क ठीक करने का वादा करते हैं, लेकिन बाद में भूल जाते हैं। इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि समयावधि में काम पूरा हो। 

अब उग्र आंदोलन किया जाएगा 
स्थानीय युवा धीरज जोशी का कहना है कि जब विभाग के लोग छोटे आंदोलनों से प्रभावित नहीं होते तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वह कहते हैं कि अब बेमियादी चक्काजाम करने पर ही विभाग के लोग हरकत में आएंगे। वह कहते हैं कि अक्तूबर प्रथम सप्ताह में सड़क की हालत नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा।


सड़क के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत विकासखंड गंगोलीहाट के कंडाराछीना (भराड़ी) से कई गांवों को जोड़ते हुए सड़क बनाने की मांग की गई है। समाजसेवी जगदीश चंद्र जोशी ने इस बाबत विधायक मीना गंगोला के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामसभा दुगईआगर, खेतीगांव, ज्वाल, टुंटाचौड़ा, कनारा, ईटाना, दुगई कन्यूरी, वरयूड़ा, मनखोला, बुसैल, किवौट, नैचूना से सेराघाट तक सड़क की अत्यंत आवश्यकता है। सड़क न होने से यहां के लोग पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को बीमार, प्रसव पीड़िता को अस्पताल तक ले जाने में काफी परेशानियां उठानी पड़ती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed