{"_id":"60a693c88ebc3e384b6ddfea","slug":"no-road-in-kanar-village-pithoragarh-news-hld424967730","type":"story","status":"publish","title_hn":"कनार की प्रसव पीड़िता को भारी बारिश में 15किमी पैदल चलकर पहुंचाया अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कनार की प्रसव पीड़िता को भारी बारिश में 15किमी पैदल चलकर पहुंचाया अस्पताल
विज्ञापन
पिथौरागढ़। सड़क न होने के कारण सीमांत के कनार गांव के ग्रामीण बियाबान जंगल और पहाड़ी से 15 किमी की दूरी नापने को मजबूर हैं। सड़क न होने से बीमार और गर्भवतियों को डोली से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है।
ऐसे ही एक ताजा मामले में ग्रामीणों ने एक प्रसव पीड़िता को भारी बारिश से ध्वस्त बदहाल रास्ते और उफनाते गाड़, गधेरे पार कर एएनएम सेंटर बरम पहुंचाया। वहां प्रसव पीड़िता ने स्वस्थ कन्या को जन्म दिया।
सीमांत के गांव बरम निवासी भूपेंद्र सिंह की पत्नी उषा देवी (23) को प्रसव पीड़ा हुई तो ग्रामीणों ने डोली के सहारे आपदा में ध्वस्त रास्तों से होकर 15 किमी पैदल चलकर एएनएम सेंटर बरम पहुंचाया।
विज्ञापन
वहां महिला ने स्वस्थ कन्या को जन्म दिया। गांव के सड़क से दूर होने के कारण 108 सेवा का लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले कई सालों से बरम से कनार तक 15 किमी सड़क का निर्माण करने की मांग कर रहे हैं।
इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के साथ ही धरना, प्रदर्शन भी कर चुके हैं। बावजूद इसके सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
गांव में बीमार व्यक्ति और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शीघ्र सड़क निर्माण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बरम से कनार तक सड़क निर्माण के लिए कांग्रेस सरकार ने तीन करोड़ रुपये स्वीकृत कराए थे। इसके लिए 30 लाख रुपये मिलने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने पैसे वापस कर दिए। वर्ष 2022 में कांग्रेस की सरकार बनने पर कनार गांव तक सड़क पहुंचाई जाएगी। - हरीश धामी, कांग्रेस विधायक धारचूला।
लंबे समय से बरम से कनार गांव तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। सड़क न होने से ग्रामीण 10 से 15 किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं, कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ भी नहीं मिला।
- जगदीश परिहार, क्षेत्र पंचायत सदस्य कनार।
वह सरकार से लगातार कनार तक सड़क निर्माण की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र की जनता निराश और आक्रोशित है। यदि शीघ्र सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत नहीं की जाती है तो सरकार के खिलाफ जनता के साथ धरने में बैठने से भी पीछे नहीं हटूंगी।
- गंगोत्री दताल, जिला पंचायत सदस्य, मेतली।
विज्ञापन
ऐसे ही एक ताजा मामले में ग्रामीणों ने एक प्रसव पीड़िता को भारी बारिश से ध्वस्त बदहाल रास्ते और उफनाते गाड़, गधेरे पार कर एएनएम सेंटर बरम पहुंचाया। वहां प्रसव पीड़िता ने स्वस्थ कन्या को जन्म दिया।
विज्ञापन
सीमांत के गांव बरम निवासी भूपेंद्र सिंह की पत्नी उषा देवी (23) को प्रसव पीड़ा हुई तो ग्रामीणों ने डोली के सहारे आपदा में ध्वस्त रास्तों से होकर 15 किमी पैदल चलकर एएनएम सेंटर बरम पहुंचाया।
विज्ञापन
वहां महिला ने स्वस्थ कन्या को जन्म दिया। गांव के सड़क से दूर होने के कारण 108 सेवा का लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले कई सालों से बरम से कनार तक 15 किमी सड़क का निर्माण करने की मांग कर रहे हैं।
इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के साथ ही धरना, प्रदर्शन भी कर चुके हैं। बावजूद इसके सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
गांव में बीमार व्यक्ति और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शीघ्र सड़क निर्माण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बरम से कनार तक सड़क निर्माण के लिए कांग्रेस सरकार ने तीन करोड़ रुपये स्वीकृत कराए थे। इसके लिए 30 लाख रुपये मिलने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने पैसे वापस कर दिए। वर्ष 2022 में कांग्रेस की सरकार बनने पर कनार गांव तक सड़क पहुंचाई जाएगी। - हरीश धामी, कांग्रेस विधायक धारचूला।
लंबे समय से बरम से कनार गांव तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। सड़क न होने से ग्रामीण 10 से 15 किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं, कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ भी नहीं मिला।
- जगदीश परिहार, क्षेत्र पंचायत सदस्य कनार।
वह सरकार से लगातार कनार तक सड़क निर्माण की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र की जनता निराश और आक्रोशित है। यदि शीघ्र सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत नहीं की जाती है तो सरकार के खिलाफ जनता के साथ धरने में बैठने से भी पीछे नहीं हटूंगी।
- गंगोत्री दताल, जिला पंचायत सदस्य, मेतली।