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नगर के पांच हजार टैक्सी चालक आचार संहिता लगन पर करेंगे अपने वाहन सरेंडर
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नवल किशोर,टैक्सी यूनियन अध्यक्ष।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले के तीन हजार से अधिक टैक्सी चालक आचार संहिता लगने पर अपने वाहन सरेंडर करेंगे। टैक्सी यूनियन ने कहा कि निकाय चुनाव, उपचुनाव, कोविड का एक करोड़ से अधिक का बकाया शासन ने उन्हें नहीं दिया है, जबकि कोविड काल में टैक्सी स्वामियों और चालकों ने बड़ी मुश्किलों से अपना जीवनयापन किया।
टैक्सी यूनियन निकाय चुनाव, उपचुनाव, कोविड ड्यूटी के बकाया भुगतान न होने से नाराज है। यूनियन ने इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने वाहन सरेंडर करने की बात की है। टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि 265 वाहनों का शासन को करीब 1.65 करोड़ रुपये देने थे, जिसमें से करीब 44 लाख का भुगतान दीपावली के समय किया जा चुका है जबकि अब भी 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान होना बाकी है।
कोविड काल में प्रशासन ने अधिकृत वाहनों का भुगतान न करने से वाहन चालक और टैक्सी स्वामियों को टैक्स देने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें अपने जेब से भुगतान करना पड़ा। वीआईपी ड्यूटी में अधिकृत होने वाले वाहनों का कभी भी भुगतान नहीं किया जाता है। ऐसे में टैक्सी यूनियन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। इधर टैक्सी यूनियन अध्यक्ष नवल किशोर ने कुमाऊं कमिश्नर से भी मामले में बात की है।
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टैक्सी और मैक्सी वाहन पर टीकी है ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही
पिथौरागढ़। जिले की तीन से अधिक हजार टैक्सी और मैक्सी वाहन पर सभी ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था टिकी है। अगर भुगतान नहीं होने से वाहन सरेंडर किए जाते हैं तो आम लोगों को चुनाव के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
265 टैक्सी वाहनों का शासन को बकाया देना हैं लेकिन अभी सिर्फ 44 लाख रुपये की राशि दी गई है जबकि करोड़ों का बकाया बाकी है। वार्ताओं के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिले हैं जबकि कोविड के बाद सबसे अधिक नुकसान टैक्सी चालकों को हुआ है। अगर भुगतान नहीं किया गया तो आचार संहिता लगते ही जिले के सभी टैक्सी-मैक्सी वाहनों को सरेंडर किया जाएगा। - नवल किशोर, अध्यक्ष, टैक्सी यूनियन, पिथौरागढ़।
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टैक्सी यूनियन निकाय चुनाव, उपचुनाव, कोविड ड्यूटी के बकाया भुगतान न होने से नाराज है। यूनियन ने इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने वाहन सरेंडर करने की बात की है। टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि 265 वाहनों का शासन को करीब 1.65 करोड़ रुपये देने थे, जिसमें से करीब 44 लाख का भुगतान दीपावली के समय किया जा चुका है जबकि अब भी 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान होना बाकी है।
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कोविड काल में प्रशासन ने अधिकृत वाहनों का भुगतान न करने से वाहन चालक और टैक्सी स्वामियों को टैक्स देने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें अपने जेब से भुगतान करना पड़ा। वीआईपी ड्यूटी में अधिकृत होने वाले वाहनों का कभी भी भुगतान नहीं किया जाता है। ऐसे में टैक्सी यूनियन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। इधर टैक्सी यूनियन अध्यक्ष नवल किशोर ने कुमाऊं कमिश्नर से भी मामले में बात की है।
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टैक्सी और मैक्सी वाहन पर टीकी है ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही
पिथौरागढ़। जिले की तीन से अधिक हजार टैक्सी और मैक्सी वाहन पर सभी ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था टिकी है। अगर भुगतान नहीं होने से वाहन सरेंडर किए जाते हैं तो आम लोगों को चुनाव के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
265 टैक्सी वाहनों का शासन को बकाया देना हैं लेकिन अभी सिर्फ 44 लाख रुपये की राशि दी गई है जबकि करोड़ों का बकाया बाकी है। वार्ताओं के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिले हैं जबकि कोविड के बाद सबसे अधिक नुकसान टैक्सी चालकों को हुआ है। अगर भुगतान नहीं किया गया तो आचार संहिता लगते ही जिले के सभी टैक्सी-मैक्सी वाहनों को सरेंडर किया जाएगा। - नवल किशोर, अध्यक्ष, टैक्सी यूनियन, पिथौरागढ़।