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चामी की पांच हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधा विहीन
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रुकमणी देवी, चामी।
- फोटो : PITHORAGARH
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। चामी क्षेत्र की पांच हजार की आबादी स्वास्थ्य सुविधा विहीन है। लोगों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय या धारचूला की ही दौड़ लगानी पड़ती है।
बंगापानी से धारचूला के लिए वाहन से 60 किमी जाना पड़ता है। मेतली, लुमती, जाराजिबली समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों को उपचार के लिए आठ से 15 किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना पड़ता है, तब जाकर कहीं वो वाहन से अस्पताल पहुंचते हैं। कई बार गंभीर बीमार या घटना में घायल व्यक्ति अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ चुके हैं।
खून की जांच के लिए भी धारचूला या पिथौरागढ़ ही जाना पड़ता है। अधिकतर लोग पिथौरागढ़ जाना बेहतर समझते हैं। क्षेत्र में एकमात्र बरम आयुर्वेदिक अस्पताल भी अच्छी स्थिति में नहीं है।
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गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई गांवों तक तो सड़क ही नहीं है। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए पैदल ही सड़क तक आना पड़ता है। - रुकमणी देवी, चामी
स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल हैं। शासन-प्रशासन ने सीमांत के लोगों की चिंता नहीं है। अगर व्यवस्थाएं होतीं तो शायद लोगों केे उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। -देवेंदर प्रसाद, स्थानीय
शासन-प्रशासन, विभाग से लगातार क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग करते आए हैं। भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए। - हेमंत प्रसाद, सामाजिक कार्यकर्ता
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बंगापानी से धारचूला के लिए वाहन से 60 किमी जाना पड़ता है। मेतली, लुमती, जाराजिबली समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों को उपचार के लिए आठ से 15 किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना पड़ता है, तब जाकर कहीं वो वाहन से अस्पताल पहुंचते हैं। कई बार गंभीर बीमार या घटना में घायल व्यक्ति अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ चुके हैं।
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खून की जांच के लिए भी धारचूला या पिथौरागढ़ ही जाना पड़ता है। अधिकतर लोग पिथौरागढ़ जाना बेहतर समझते हैं। क्षेत्र में एकमात्र बरम आयुर्वेदिक अस्पताल भी अच्छी स्थिति में नहीं है।
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गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई गांवों तक तो सड़क ही नहीं है। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए पैदल ही सड़क तक आना पड़ता है। - रुकमणी देवी, चामी
स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बेहाल हैं। शासन-प्रशासन ने सीमांत के लोगों की चिंता नहीं है। अगर व्यवस्थाएं होतीं तो शायद लोगों केे उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। -देवेंदर प्रसाद, स्थानीय
शासन-प्रशासन, विभाग से लगातार क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग करते आए हैं। भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए। - हेमंत प्रसाद, सामाजिक कार्यकर्ता