{"_id":"61d495364e167c653339d95c","slug":"no-facility-in-didihat-hospital-pithoragarh-news-hld4499480183","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीडीहाट में धूल फांक रही एक्स-रे मशीन और वेंटिलेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीडीहाट में धूल फांक रही एक्स-रे मशीन और वेंटिलेटर
विज्ञापन
डीडीहाट अस्पताल में एक साल से धूल फांक रहे वैटिंलेटर।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। राज्य गठन के बाद से सियासी पार्टियां पर्वतीय जिलों के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवा समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का वादा करके सत्ता में आती रही हैं। इसे विडंबना ही कहेंगे कि इतने वर्षों बाद भी चुनाव आते ही सियासी पार्टियां हर नागरिक तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के नाम पर वोट मांगती नजर आती हैं। डीडीहाट सीएचसी की बात करें तो यहां एक्स-रे मशीन और दो वेंटिलेटर हैं लेकिन तकनीशियन नहीं होने से लोगों को जिला मुख्यालय तक दौड़ना पड़ता है। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच धूल फांक रहे वेंटिलेटर स्वास्थ्य विभाग और सरकार की व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद अस्पतालों को सुविधाजनक बनाने के लिए डीडीहाट सीएचसी में प्रधानमंत्री वेलफेयर फंड से दो वेंटिलेटर मिले थे। लाखों रुपये में खरीदे गए इन दोनों वेंटिलेटर का आज तक कोई प्रयोग नहीं किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इन दोनों वेंटिलेटरों को अस्पताल के तीसरे तल पर स्थापित किया गया है। परंतु अस्पताल में तैनात किसी भी डॉक्टर को आज तक वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
डीडीहाट सीएचसी में महिला के प्रसव के बाद नवजात को वेंटिलेटर की जरूरत होती है तो उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। अस्पताल में वर्ष 2002 में एक्स-रे मशीन स्थापित की गई थी जो तकनीशियन की नियुक्ति नहीं होने के कारण धूल फांकते हुए बिना चले ही वर्ष 2020 में खराब हो गई। फिर मशीन को ठीक किया गया लेकिन तकनीशियन की नियुक्ति नहीं होने से एक्स-रे मशीन धूल फांक रही हैं। लोगों को मामूली फ्रैक्चर का एक्स-रे कराने के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों ने सरकार से शीघ्र एक्स-रे तकनीशियन की नियुक्ति करने की मांग की है।
विज्ञापन
नवजात बच्चों के वेंटिनेटर के लिए बाल रोग चिकित्सक की आवश्यकता होती हैं। कई सालों से डीडीहाट सीएचसी में बाल रोग चिकित्सक का पद रिक्त हैं। वैंटिलेटरों को चलाने का प्रशिक्षण अन्य किसी भी चिकित्सक को नहीं दिया गया है। जिस कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक्स-रे तकनीशियन की नियुक्ति नहीं होने से एक्स-रे का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
- डॉ. मोहम्मद फुरकान, प्रभारी चिकित्साधिकारी डीडीहाट।
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर के बाद अस्पतालों को सुविधाजनक बनाने के लिए डीडीहाट सीएचसी में प्रधानमंत्री वेलफेयर फंड से दो वेंटिलेटर मिले थे। लाखों रुपये में खरीदे गए इन दोनों वेंटिलेटर का आज तक कोई प्रयोग नहीं किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इन दोनों वेंटिलेटरों को अस्पताल के तीसरे तल पर स्थापित किया गया है। परंतु अस्पताल में तैनात किसी भी डॉक्टर को आज तक वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
डीडीहाट सीएचसी में महिला के प्रसव के बाद नवजात को वेंटिलेटर की जरूरत होती है तो उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। अस्पताल में वर्ष 2002 में एक्स-रे मशीन स्थापित की गई थी जो तकनीशियन की नियुक्ति नहीं होने के कारण धूल फांकते हुए बिना चले ही वर्ष 2020 में खराब हो गई। फिर मशीन को ठीक किया गया लेकिन तकनीशियन की नियुक्ति नहीं होने से एक्स-रे मशीन धूल फांक रही हैं। लोगों को मामूली फ्रैक्चर का एक्स-रे कराने के लिए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों ने सरकार से शीघ्र एक्स-रे तकनीशियन की नियुक्ति करने की मांग की है।
विज्ञापन
नवजात बच्चों के वेंटिनेटर के लिए बाल रोग चिकित्सक की आवश्यकता होती हैं। कई सालों से डीडीहाट सीएचसी में बाल रोग चिकित्सक का पद रिक्त हैं। वैंटिलेटरों को चलाने का प्रशिक्षण अन्य किसी भी चिकित्सक को नहीं दिया गया है। जिस कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक्स-रे तकनीशियन की नियुक्ति नहीं होने से एक्स-रे का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
- डॉ. मोहम्मद फुरकान, प्रभारी चिकित्साधिकारी डीडीहाट।