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बजानी गांव में किसी भी संचार कंपनी का नेटवर्क नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:03 PM IST
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डीडीहाट तहसील का संचार विहीन बजानी गांव
- फोटो : अमर उजाला
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इस तहसील के बजानी गांव में किसी भी संचार कंपनी का कोई नेटवर्क नहीं है। गांव के लोग अपनों से फोन पर बात भी नहीं कर पाते हैं। गांव के लोगों को सबसे बड़ी दिक्कत रसोईगैस की बुकिंग के समय आती है। अब रसोईगैस की बुकिंग के लिए फोन का ही उपयोग होता है। नई पीढ़ी के लोग चाहते हुए भी व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्यूटर का उपयोग नहीं कर पाते।
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बजानी गांव का अपना नाम रहा है। इस गांव के त्रिलोक सिंह मनौला और भवान सिंह मनौला ने आजादी के आंदोलन में हिस्सा लिया था। बजानी गांव को प्रकृति ने खूब सजा-संवारा है, लेकिन गांव के लोग सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। बजानी निवासी युवा दीपक मनौला का कहना है कि सरकार पलायन रोकने, लोगों से गांव लौटने की अपील तो करती है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में कौन इन गांवों में रहना चाहेगा।
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उन्होंने कहा कि जब तक गांव के पास किसी कंपनी का मोबाइल टावर नहीं लग जाता, तब तक लोगों को सुविधा नहीं मिल सकती। गांव का भूगोल ऐसा है कि आसपास की पहाड़ियों के कारण दूर लगे किसी भी टावर के सिगनल नहीं आ पाते।
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