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पिथौरागढ़ में कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना के विरोध में मनाया काला दिवस
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पिथौरागढ़ में पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए बांह में काली पट्टी बांध विरोध प्रदर्शन करते कर्मी।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) के बैनर तले कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना के विरोध में काला दिवस मानकर रोष प्रकट किया। इस दौरान कर्मियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष और कुमाऊं मंडल के प्रभारी बिजेंद्र लुंठी के आह्वान पर पूरे जिले में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ बांह में काला फीता बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि एक अक्तूबर 2005 के बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों, शिक्षक और अधिकारियों की पुरानी पेंशन बंद कर दी गई। इसके बाद शेयर बाजार वाली नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है।
इसमें कर्मचारियों का एक निश्चित अंशदान काटकर उसे शेयर बाजार में लगा दिया जाता है, जो कर्मचारी विरोधी और बाजार आधारित योजना है, जिसका भविष्य कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना से वर्तमान में जो भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उन्हें नाममात्र की पेंशन दी जा रही है। वहां वंदना भट्ट, हिमांशु जोशी, चंद्रकांत जोशी, अशोक खड़ायत, धीरज ओझा, अशोक पंत, एमपीएस डोभाल आदि थे।
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शुक्रवार को एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष और कुमाऊं मंडल के प्रभारी बिजेंद्र लुंठी के आह्वान पर पूरे जिले में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ बांह में काला फीता बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि एक अक्तूबर 2005 के बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों, शिक्षक और अधिकारियों की पुरानी पेंशन बंद कर दी गई। इसके बाद शेयर बाजार वाली नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है।
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इसमें कर्मचारियों का एक निश्चित अंशदान काटकर उसे शेयर बाजार में लगा दिया जाता है, जो कर्मचारी विरोधी और बाजार आधारित योजना है, जिसका भविष्य कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना से वर्तमान में जो भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उन्हें नाममात्र की पेंशन दी जा रही है। वहां वंदना भट्ट, हिमांशु जोशी, चंद्रकांत जोशी, अशोक खड़ायत, धीरज ओझा, अशोक पंत, एमपीएस डोभाल आदि थे।
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