फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Newborn baby thrown in hospital's trash, death

नवजात बच्ची को फेंका अस्पताल के कूड़ेदान में, मौत

Sat, 12 Aug 2017 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sat, 12 Aug 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
 Newborn baby thrown in hospital's trash, death
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में नवजात का शव मिलने के बाद निरीक्षण को पहुंचे प्रभारी डीएम - फोटो : अमर उजाला

बेटी बचाओ जागरूकता अभियान भी लोगों की सोच को नहीं बदल पाया है। इसकी बानगी जिला अस्पताल परिसर में स्थित कूड़ेदान में शनिवार सुबह एक नवजात कन्या की लाश मिलने से सामने आई है। इसकी जानकारी मिलते ही प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए इस गंभीर मामले में मुख्य चिकित्साधीक्षक से जवाब तलब किया। साथ ही जांच के लिए एडीएम, सीएमओ और सीओ की तीन सदस्यीय कमेटी बना दी। 

विज्ञापन


जिला अस्पताल में नवजात बच्ची की लाश किसने फेंकी यह रहस्य भी देर शाम खुल गया। प्रभारी डीएम ने पूरी छानबीन के बाद बताया कि बिहार के चंपारण निवासी मजदूर सूरज पटेल ने कबूल किया कि यह नवजात उसी की थी। घर में पैदा होने के बाद वह इसे जिला अस्पताल परिसर के कूडे़दान में फेंक गया था। पुलिस ने सूरज पटेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन


इससे पहले अस्पताल पहुंचे प्रभारी जिलाधिकारी ने इस बात पर सख्त नाराजगी जताई कि अस्पताल के सीसीटीवी खराब पड़े हैं। अस्पताल में सिर्फ आपात कक्ष में एक डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात था। अस्पताल के कई कर्मचारी नदारद मिले। कुछ कर्मचारियों को तो दस-दस दिन का आकस्मिक अवकाश मंजूर था। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिला। प्रभारी डीएम ने कहा कि जिले में पिछले नौ माह के भीतर जितनी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ है उन सबके रिकार्ड सील किए जाएंगे। लाश करीब नौ माह गर्भ में रही बच्ची की है। जानकारी यह भी ली जाएगी कि कितनी महिलाओं ने इस दौरान बच्चों को जन्म दिया। उनमें से कितने बच्चे जीवित हैं और कितने लापता हैं। लाश का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका डीएनए टेस्ट कराने के आदेश प्रभारी डीएम ने दिए हैं। व्यापारी नेता संतोष बिष्ट ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटियों के प्रति लोगों की सोच का यह उदाहरण तब है जबकि बेटी बचाओ को लेकर जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया था। जिले में 2011 की जनगणना में छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात 1000: 816 था। इस चिंताजनक स्थिति के बीच सीएमओ डॉ. उषा गुंज्याल दावा करती हैं कि लिंगानुपात को सही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed