फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   New Record of Rain in Pithauragarh

मई में बारिश का पिछले पांच सालों का रिकार्ड टूटा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 10:34 PM IST
विज्ञापन
New Record of Rain in Pithauragarh
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। इससे सूख चुके प्राकृतिक जल स्रोतों में जान आ गई है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके थे।
विज्ञापन

इससे ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा था। फरवरी, मार्च, अप्रैल में बारिश न होने के कारण रबी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन मई के शुरुआत से बदले मौसम के मिजाज ने बारिश का पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार 772.4 मिमी बारिश हो गई है। अब भी बारिश का क्रम लगातार जारी है।
विज्ञापन

जिले में हर साल मानसून से पहले हर साल प्री मानसून बारिश होती है। सीमांत जिले में वर्ष 2017 में 772.4 मिमी बारिश हुई। वर्ष 2018 में 605.1 मिमी, वर्ष 2019 में 241.6 मिमी, 2020 में 667.6 मिमी और 2021 में 772.4 बारिश हो गई है। बारिश का क्रम अब भी जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लंबे समय बाद हो रही बारिश को खेती के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है, लेकिन भूस्खलन, आपदा की घटनाओं का डर भी है। पिछले चार माह से बारिश न होने के कारण रबी की फसलों और बागवानी को काफी नुकसान हुआ था। लगातार हो रही बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिले हैं।
भारी बारिश के साथ खरीफ की फसलों की बुआई शुरू
पिथौरागढ़। भारी बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है। किसानों ने खरीफ की फसल धान, मडुवा की बुआई शुरू कर दी है। किसान शेर राम का कहना है कि लगातार हो रही बारिश धान के लिए काफी अच्छी है।

मई में लगातार बारिश हो रही है, जो अच्छा संकेत है। खरीफ की फसलों को इससे लाभ मिलेगा। गर्मियों में सूख चुके प्राकृतिक जल स्रोत रिचार्ज हो जाएंगे।
-बिक्रम सिंह, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी देहरादून।
लंबे समय तक सूखा रहा। अब लगातार हो रही बारिश अच्छा संकेत है। पिछले माह जंगलों की आग से प्राकृतिक वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा था। बारिश के बाद वापस हरियाली लौटने लगी है। जलस्रोत भी रिचार्ज हुए हैं। यह बारिश गर्मी में पेयजल संकट से उबरने में सहायक होगी।
-डॉ. पीतांबर अवस्थी, पर्यावरणविद पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed