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धारचूला से नारायणआश्रम तक का सफर साइकिल से
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:01 PM IST
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हिमालयन साइकिलिंग क्लब के साहसी युवाओं के दल ने धारचूला से नारायणआश्रम तक 40 किलोमीटर तक विकट रास्तों में साइकिल चलाकर न केवल लोगों को रोमांचित किया, बल्कि साइकिलिंग के लिए नए रूट को खोजकर पर्यटन विकास की दिशा में नया आयाम स्थापित किया है। आठ सदस्यों वाले इस दल ने धारचूला से आगे पांगू, तवाघाट, छिरकिला, खेत, कंच्योति होते हुए नारायणआश्रम तक का सफर साइकिल से पूरा किया। अगले चरण में युवाओं ने साइकिल से ओम पर्वत तक जाने का फैसला लिया है।
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दल में शामिल युवा चंद्रमोहन पांडे ने बताया कि धारचूला से तवाघाट तक का सफर साइकिल से पूरा करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। कई स्थानों पर सड़क खराब है। सड़क बेहद ढलान वाली है। वह कहते हैं कि एक हाईकोर साइकिलिस्ट के लिए यह रोमांचित करने वाला सफर रहा। युवाओं के इस दल ने पिछले साल पिथौरागढ़ से मुनस्यारी तक का सफर साइकिल से पूरा किया था।
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हिमालय साइकिलिंग क्लब के सदस्य सुरेंद्र पंवार ने कहा कि पहाड़ की कठिन सड़कों पर साइकिल चलाना अपने आप में बेहद रोमांचकारी और जोखिमपूर्ण भी है। उन्होंने कहा कि यह साहसिक खेल गतिविधि को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। अब यह हुआ माउंटेन ट्रेल बाइकिंग में भी हाथ आजमाएंगे। दल में वीरेंद्र दरियाल, जगदीश भट्ट, हिमांशु, ललित पंत, नरेंद्र चंद, राजेश जोशी शामिल हैं।
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