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मुनस्यारी में पानी की लाइन जमी, पारा माइनस में
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/मुनस्यारी
Updated Sat, 14 Jan 2017 10:46 PM IST
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थल-मुनस्यारी रोड पर कालामुनि में बिछी बर्फ की चादर
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में कड़ाके की ठंड से अभी राहत मिलने वाली नहीं है। शनिवार को जिला मुख्यालय में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मुनस्यारी में पेयजल लाइन जम गई है। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 4 तक पहुंच गया है। मुनस्यारी के पास कालामुनि, बेटुलीधार, बलाती में गिरी बर्फ के ऊपर अब पाला पड़ गया है। इस कारण वाहनों के रपटने का खतरा बना हुआ है। थल-मुनस्यारी रोड पर बर्फ और पाले के कारण वाहन संचालन में भारी दिक्कत आ रही है।
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मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान में और गिरावट आएगी। जनवरी में इस तरह के उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। जिला मुख्यालय में सुबह और शाम पड़ रही कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। दिन में धूप तो निकल रही है, लेकिन तेज हवाओं के कारण ठंड में कमी नहीं आ रही है। मुनस्यारी नगर को जोड़ने वाली पेयजल लाइन के ठंड के कारण जम जाने से सप्लाई पर असर पड़ा है। जल संस्थान ने कुछ स्थानों पर ठंड के कारण ब्लॉक हो चुकी लाइनों को खोलने का काम शुरू किया है। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कई जगह खतरा होने लगा है। कालामुनि में अब भी सड़क पर बर्फ जमा है। बर्फ के ऊपर रात में पाला गिर रहा है। इस कारण वाहन रपटने का खतरा बना है।
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आज ऊंची चोटियों पर हिमपात की संभावना
पिथौरागढ़। मौसम विभाग ने रविवार को मौसम में फिर से तब्दीली आने का संकेत दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों पर हिमपात और निचले इलाकों पर कुछ जगह बौछारें गिर सकती हैं। इससे तापमान में और गिरावट आएगी। मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार एक हल्का सिस्टम सक्रिय होने के कारण यह परिवर्तन आ रहा है।
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कैलाश यात्रा मार्ग पर आवाजाही बंद
धारचूला। कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर बूंदी से आगे हुए भारी हिमपात के कारण सामान्य आवाजाही बंद हो गई है। इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित गांवों के लोग माइग्रेशन पर निचली घाटियों में आ जाते हैं। ट्रैकिंग इस समय बंद रहती है। यदि जरूरी काम से कोई ठेकेदार या निर्माण कार्य में लगे लोगों को बूंदी से आगे जाना पड़ जाए तो वह भारी बर्फ के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कुटी, गुंजी, छियालेख, नाभीढांग, लिपुलेख में इस समय दो से चार फुट तक बर्फ जमा है। इन इलाकों में सिर्फ सुरक्षा बलों की गतिविधियां ही रहती हैं। भारी हिमपात के कारण सुरक्षा बलों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी हैं।