{"_id":"5f0ca2d68ebc3e635b3e984b","slug":"munsiyari-milam-road-connecting-india-china-border-closed-pithoragarh-news-hld3896185126","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारी बारिश के कारण भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी मिलम सड़क बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारी बारिश के कारण भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी मिलम सड़क बंद
विज्ञापन
नदी का जल स्तर बढ़ने से ध्वस्त जुम्मा का पुल। इसके स्थान पर अभी तक नया पुल नहीं बना है।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से जिले में बंद नौ सड़कों को प्रशासन अभी तक नहीं खोल पाया है। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क के बंद होने से सेना सहित माइग्रेशन वाले गांवों के लोग सबसे अधिक परेशान हैं।
भारी बारिश के कारण जिले में गुंजी- कुटी, मुनस्यारी- मिलम, बांसबगड़-कोटा पंद्रह पाल, बांसबगड़- माणीधामी, नाचनी-भैसकोट, बंगापानी- जाराजीबली, मदकोट- दारमा, संगौड़ दशौली दानू, डीडीहाट, पमस्यारी सड़क बंद हैं। इससे12 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी- मिलम सड़क के बंद होने से सैनिकों को खाद्यान्न और रसद पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। माइग्रेशन गांवों के ग्रामीणों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। लोगों ने शीघ्र बंद सड़कों को खोलने की मांग की है।
अस्थायी पुल के बहने से बड़ी जुम्मा के ग्रामीणों की परेशानी
धारचूला। ग्राम पंचायत जुम्मा में अस्थायी पुल बहने से ग्रामीण परेशान हैं। यहां पर 2013 में अस्थाई पुल बह गया था। लेकिन इसके बाद से यहां पर पक्के पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। जिससे लोग परेशान हैं। जुम्मा में अस्थायी पुल के बहने से चार सौ से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
2013 की आपदा के बाद पलंखा में बना पुल आपदा की भेंट चढ़ गया था। आपदा के सात साल बीतने के बाद पुल नहीं बनने से लोगों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता नंदन सिंह धामी का कहना है कि पुल बह जाने के कारण रोड़ा ,लालीगड़ा, पनमजेल तोकों के चार सौ लोग जान जोखिम में रखकर आवाजाही कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी ने बताया कि 2013 की आपदा में टूटे पुल का आज तक नहीं बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। संवाद
बंगापानी में भूस्खलन से घर में घुसा बोल्डर
पिथौरागढ़। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बंगापानी के पुष्कर सिंह के घर मे बड़ा बोल्डर घुस गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में थे। पीड़ित पुष्कर सिंह ने शासन- प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
मड़मानले-धूर्चु सड़क में आई दरार
झूलाघाट। मूनाकोट ब्लॉक के मड़मानले-धूर्चू सड़क पर पिछले दिनों हुई बारिश से दरार आ गई है। जिस कारण सड़क कभी भी गिर सकती है। चार दिन पहले हुई बारिश से धूर्चू के पास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क धस गई हैं। सड़क धसने से एक फिट चौड़ी दरार आ गई है। प्रधान धुर्चु नरेंद्र चंद ने शीघ्र सड़क को ठीक करने की मांग की है। पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता मनोज खाती का कहना है कि धूर्चू के पास सड़क खेतों के बीच से गई हैं। जमीन बैठने की वजह से एक जगह दरार आ गई है। सड़क की मरम्मत के लिए चार लेबरों को भेजा जा रहा है। शीघ्र सड़क को ठीक कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
भारी बारिश के कारण जिले में गुंजी- कुटी, मुनस्यारी- मिलम, बांसबगड़-कोटा पंद्रह पाल, बांसबगड़- माणीधामी, नाचनी-भैसकोट, बंगापानी- जाराजीबली, मदकोट- दारमा, संगौड़ दशौली दानू, डीडीहाट, पमस्यारी सड़क बंद हैं। इससे12 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी- मिलम सड़क के बंद होने से सैनिकों को खाद्यान्न और रसद पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। माइग्रेशन गांवों के ग्रामीणों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। लोगों ने शीघ्र बंद सड़कों को खोलने की मांग की है।
विज्ञापन
अस्थायी पुल के बहने से बड़ी जुम्मा के ग्रामीणों की परेशानी
धारचूला। ग्राम पंचायत जुम्मा में अस्थायी पुल बहने से ग्रामीण परेशान हैं। यहां पर 2013 में अस्थाई पुल बह गया था। लेकिन इसके बाद से यहां पर पक्के पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। जिससे लोग परेशान हैं। जुम्मा में अस्थायी पुल के बहने से चार सौ से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
2013 की आपदा के बाद पलंखा में बना पुल आपदा की भेंट चढ़ गया था। आपदा के सात साल बीतने के बाद पुल नहीं बनने से लोगों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता नंदन सिंह धामी का कहना है कि पुल बह जाने के कारण रोड़ा ,लालीगड़ा, पनमजेल तोकों के चार सौ लोग जान जोखिम में रखकर आवाजाही कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी ने बताया कि 2013 की आपदा में टूटे पुल का आज तक नहीं बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। संवाद
बंगापानी में भूस्खलन से घर में घुसा बोल्डर
पिथौरागढ़। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बंगापानी के पुष्कर सिंह के घर मे बड़ा बोल्डर घुस गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में थे। पीड़ित पुष्कर सिंह ने शासन- प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
मड़मानले-धूर्चु सड़क में आई दरार
झूलाघाट। मूनाकोट ब्लॉक के मड़मानले-धूर्चू सड़क पर पिछले दिनों हुई बारिश से दरार आ गई है। जिस कारण सड़क कभी भी गिर सकती है। चार दिन पहले हुई बारिश से धूर्चू के पास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क धस गई हैं। सड़क धसने से एक फिट चौड़ी दरार आ गई है। प्रधान धुर्चु नरेंद्र चंद ने शीघ्र सड़क को ठीक करने की मांग की है। पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता मनोज खाती का कहना है कि धूर्चू के पास सड़क खेतों के बीच से गई हैं। जमीन बैठने की वजह से एक जगह दरार आ गई है। सड़क की मरम्मत के लिए चार लेबरों को भेजा जा रहा है। शीघ्र सड़क को ठीक कर लिया जाएगा।