खूबसूरत मोनाल पक्षी बुग्यालों में उतरा
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उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बीते दिनों हुई बर्फबारी के बाद राज्यपक्षी मोनाल अब बुग्यालों में उतरने लगा है। आमतौर पर 3500 मीटर की ऊंचाई पर रहने वाला मोनाल अधिकतम 2200 मीटर की ऊंचाई से नीचे नहीं आता। उच्च हिमालयी क्षेत्र में हिमपात के कारण जब मोनाल को भोजन की कमी होने लगती है तो वह निचले इलाकों का रुख कर देता है। पिछले दो दिनों से मोनाल की गतिविधियां खलियाटाप और बेटुलीधार की तलहटी पर स्थित बुग्यालों में देखने को मिली है। इन इलाकों में घूमने जा रहे पर्यटकों को मोनाल की यह उड़ान काफी अच्छी लग रही हैं।
बर्ड वाचर सुरेंद्र पंवार ने बताया कि मोनाल सर्दियों में निचले इलाकों पर तो उतरता है, लेकिन वह 2200 मीटर से निचले इलाकों में कभी नहीं देखा गया। उन्होंने बताया कि मोनाल का असली बसेरा 2800 मीटर से लेकर 3500 मीटर तक के इलाकों पर ही होता है। यह आकर्षक पक्षी ज्यादा लंबी उड़ान नहीं भर पाता। उन्होंने बताया कि खलियाटाप और बेटुलीधार के निचले हिस्से पर कुछ मोनाल नजर आए हैं। मोनाल के निचले इलाकों पर आने से खतरा भी बढ़ जाता है। शिकारी ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं।
वन विभाग ने सतर्कता बरती
मोनाल के बुग्यालों में आने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। इस संरक्षित पक्षी को शिकारियों से बचाने के लिए वन विभाग की टीम लगातार बुग्यालों में गश्त दे रही है। वन रेंजर लवराज सिंह ने बताया कि यदि किसी ने मोनाल का शिकार करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।