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pithoragarh: पालिका के विस्तारीकरण के विरोध में धरने पर बैठे विधायक व ग्रामीण, कहा- गांवों का होना चाहिए विकास

Wed, 07 Aug 2024 04:00 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 07 Aug 2024 04:00 PM IST
सार

पिथौरागढ़ नगर पालिका का विस्तार कर इसे नगर निगम बनाने और इसमें आसपास के गांवों को शामिल करने के विरोध में विधायक मयूख महर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को गांवों का विकास करना चाहिए।

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MLAs and villagers sitting on strike in protest against expansion of Municipality in pithoragarh
धरने पर बैठे विधायक व ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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पिथौरागढ़ नगर पालिका का विस्तार कर इसे नगर निगम बनाने और इसमें आसपास के गांवों को शामिल करने के विरोध में विधायक मयूख महर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को गांवों का विकास करना चाहिए। गांवों को निकाय में शामिल कर सरकार ग्रामीणों से उनका हक छीनकर टैक्स वसूलने की फिराक में है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बुधवार को विधायक मयूख महर के नेतृत्व में नैनीसैनी, चैंसर, कासनी, हुडेती, पौंण, गैंठना, ओड्माथा, सुवाकोट सहित आसपास के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि कलक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। निकाय में शामिल कर कृषि और पशुपालन से अपनी आजीविका चला रहे ग्रामीणों का हक छीनने का प्रयास किया जा रहा है। यदि गांवों को पालिका में शामिल किया जाता है तो चारागाह, जंगल, पानी के स्रोतों पर पालिका का हक होगा और ग्रामीण अपने हकों से वंचित होंगे।

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ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में निकाय में शामिल क्षेत्र आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। फिर से गांवों को निकाय में शामिल कर उनके अधिकार छीनकर उन्हें टैक्स के बोझ तले दबाने की साजिश की जा रही है। कहा किसी भी कीमत में गांवों का निकाय में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। यदि सरकार ने इस पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन होगा। वहां पर पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, त्रिलोक महर, एडवोकेट मनोज ओझा, पूर्व दायित्वधारी महेंद्र लुंठी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, संतोष गोस्वामी, भुवन पांडे सहित कई लोग शामिल रहे।

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