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जल संस्थान के दो कर्मियों को पेयजल मंत्री ने निलंबित किया

ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 23 May 2017 10:13 PM IST
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पिथौरागढ़ में जल संस्थान कार्यालय का निरीक्षण करते पेयजल मंत्री प्रकाश पंत
पिथौरागढ़ में जल संस्थान कार्यालय का निरीक्षण करते पेयजल मंत्री प्रकाश पंत - फोटो : अमर उजाला

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पेयजल मंत्री सोमवार को यहां पहुंचे तो नगर में पेयजल सप्लाई प्रभावित हो गई। इसकी जांच के लिए मंत्री ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना को निर्देश दिए। जांच में पता चला कि पंपों में ड्यूटी देने वाले दो कर्मचारी पिछले कुछ समय से ऐसा कर रहे थे। मंत्री के आने के सूचना पर दोनों कर्मचारी रात में पानी की टंकियों को खाली कर देते, ताकि दूसरे दिन सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाए। पेयजल मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए टंकी में ड्यूटी देने वाले कृष्णानंद नगरकोटी और ललित राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए। नगर में पानी की किल्लत पैदा करने वाले दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को भी कहा गया।
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पेयजल मंत्री ने मंगलवार को जल संस्थान कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के तेवरों को देखकर कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मंत्री ने पेयजल सप्लाई संबंधी रजिस्टर को देखने के बाद बताया कि सोमवार को घाट पंपिंग योजना के पंपिंग योजना के पंप पूरे आठ घंटे तक चले थे, लेकिन लोनिवि के पास बनी टंकी में सुबह के समय नाममात्र का पानी था। ईई को जांच में पता चला कि रात में टंकी में ड्यूटी देने वाले कर्मचारी कृष्णानंद नगरकोटी ने टंकी का पानी जंगल की ओर बहा दिया था और टंकी खाली कर दी। इसी तरह टंकी में ड्यूटी देने वाला दूसरा कर्मचारी ललित राम ड्यूटी के दौरान सोता हुआ मिला।


पेयजल मंत्री ने शिकायत रजिस्टर और कंट्रोल रूम के रजिस्टर का निरीक्षण किया। कहा कि पेयजल से संबंधित जो भी शिकायत आती है, उसका 24 घंटे के भीतर समाधान होना चाहिए। कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए और लोगों की ओर से मिलने वाली सूचना को गंभीरता से लिया जाए। मंत्री ने कहा कि यदि उनके अगली बार के दौरे के समय नगर में पेयजल का संकट होता है तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अब अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं
पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने इससे पहले 20 अप्रैल को यहां का दौरा किया था। उस दिन भी नगर में पेयजल की सप्लाई बाधित रही थी। तब जल संस्थान के अधिकारियों ने बिजली कटौती का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी, लेकिन पेयजल मंत्री का कहना है कि ठीक उनके दौरे के समय पेयजल सप्लाई बाधित करने का यह खेल लंबे समय से चल रहा था। मंत्री के तीखे तेवरों के बाद अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।

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