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माजिरकांडा गांव में उठी चैतोल की छतरी
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Sat, 23 Apr 2016 10:40 PM IST
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चैतोल की छतरी
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल सीमा से सटे माजिरकांडा गांव में चैतोल पर्व पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया गया। यहां चैतोल के मौके पर भगवान शिव की छतरी को पूरे इलाके में घुमाया जाता है। गाजे-बाजे के साथ यह छतरी सिरकुच के खंडेनाथ मंदिर से लाई जाती है। पूरे इलाके में घूमने के बाद इसे माजिरकांडा के मन महेश मंदिर तक लाया जाता है। छतरी ले जाते समय देवडांगरों ने लोगों को आशीर्वाद दिया। लोग ने फूल, अक्षत चढ़ाकर छतरी और देवडांगरों का पूजन किया।
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देवडांगर लक्ष्मीदत्त भट्ट और मुरलीधर भट्ट हर साल चैतोल पर्व पर लोगों को आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है कि चैतोल के मौके पर यदि भगवान शिव को प्रसन्न कर दिया जाए तो पूरे वर्ष गांव में कोई आपदा नहीं आती। लोगों की सुख, समृद्धि के लिए हर साल यह आयोजन होता है। पुजारी तुलसी दत्त भट्ट ने मन महेश मंदिर में छतरी आने के बाद पूजन किया। भारी संख्या महिलाएं, पुरुष और बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल हुए। माजिरकांडा गांव के युवा कार्यकर्ता शेखर भट्ट ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए बहुत पहले से तैयारी की जाती है। सभी लोग इसमें सहयोग करते हैं।
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