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पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच को लैब नहीं
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महिला अस्पताल।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए पैथोलॉजी लैब तक नहीं है। महिलाओं को जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इस अस्पताल में हर माह 130 से अधिक प्रसव होने के साथ ही रोज 80 से अधिक महिलाएं बच्चों के उपचार को आती हैं। महिला अस्पताल में पैथोलॉजी लैब की मांग को लेकर कई संगठन मांग उठाते रहे। अभी तक लैब की स्थापना नहीं हो सकी।
महिला अस्पताल में मूनाकोट, विण, कनालीछीना, मुनस्यारी, जौलजीबी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट के साथ ही नेपाल क्षेत्र की महिलाएं उपचार को आती हैं। जांच लैब न होने के कारण इन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को निजी लैब में अपनी जरूरी जांचें करानी पड़ती है। महिला अस्पताल में करीब 60 सिजेरियन और 80 नॉर्मल डिलीवरी होती है। सीजेरियन के मामलों में महिलाओं के तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है। एक मात्र अल्ट्रासाउंड ही महिला अस्पताल में होता है।
जांच को जाना पड़ता जिला अस्पताल
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में उपचार को आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है। महिला अस्पताल में लैब न होने के कारण जिला अस्पताल ही गरीब गर्भवती महिलाओं का सहारा देता है, लेकिन दो बजे बाद जिला अस्पताल में जांच नहीं होती है। ऐसे में कई बार उपचार को आने वाली महिलाओं को जेब ढीली कर जांच कराने का मजबूर होना पड़ता है।
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नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने से होगा लाभ
पिथौरागढ़। स्वास्थ्य विभाग के नये प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने पर महिलाओं को निजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एनीजीओ के माध्यम से दो सौ रुपये में गर्भवती महिलाओं की सभी जांच हो जाएंगे। सीएमओ डॉ . एचसी पंत ने बताया कि कुछ एनजीओ एनएचएम के तहत गर्भवती महिलाओं की सभी जांच दो सौ रुपये में करने को राजी हैं। स्वास्थ्य सचिव को इसके बारे में अवगत करा दिया गया है।
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महिला अस्पताल में मूनाकोट, विण, कनालीछीना, मुनस्यारी, जौलजीबी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट के साथ ही नेपाल क्षेत्र की महिलाएं उपचार को आती हैं। जांच लैब न होने के कारण इन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को निजी लैब में अपनी जरूरी जांचें करानी पड़ती है। महिला अस्पताल में करीब 60 सिजेरियन और 80 नॉर्मल डिलीवरी होती है। सीजेरियन के मामलों में महिलाओं के तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ती है। एक मात्र अल्ट्रासाउंड ही महिला अस्पताल में होता है।
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जांच को जाना पड़ता जिला अस्पताल
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में उपचार को आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है। महिला अस्पताल में लैब न होने के कारण जिला अस्पताल ही गरीब गर्भवती महिलाओं का सहारा देता है, लेकिन दो बजे बाद जिला अस्पताल में जांच नहीं होती है। ऐसे में कई बार उपचार को आने वाली महिलाओं को जेब ढीली कर जांच कराने का मजबूर होना पड़ता है।
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नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने से होगा लाभ
पिथौरागढ़। स्वास्थ्य विभाग के नये प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने पर महिलाओं को निजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एनीजीओ के माध्यम से दो सौ रुपये में गर्भवती महिलाओं की सभी जांच हो जाएंगे। सीएमओ डॉ . एचसी पंत ने बताया कि कुछ एनजीओ एनएचएम के तहत गर्भवती महिलाओं की सभी जांच दो सौ रुपये में करने को राजी हैं। स्वास्थ्य सचिव को इसके बारे में अवगत करा दिया गया है।