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महाकाली अपने उद्गम स्थल पर ही जमने लगी
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Sun, 08 Jan 2017 10:59 PM IST
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कालापानी में उद्गम स्थल पर इस तरह जम गई महाकाली
- फोटो : अमर उजाला
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कालापानी से निकलने वाली महाकाली तापमान में भारी गिरावट के कारण जमने लगी है। कालापानी से लेकर गर्ब्यांग तक 22 किलोमीटर के दायरे में नदी का प्रवाह नजर नहीं आ रहा है। गर्ब्यांग से आगे महाकाली पतली धार के रूप में बह रही है। कालापानी में तापमान शून्य से 15 डिग्री नीचे चला गया है। पिछले साल भी जनवरी में महाकाली ठीक इसी तरह जम गई थी।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र में हुए हिमपात के बाद तापमान में और ज्यादा गिरावट आ गई है। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के मौसम विभाग के अनुसार तापमान में भारी गिरावट के कारण महाकाली का प्रवाह 22 किलोमीटर के दायरे में थम गया है। तापमान बढ़ने तक नदी की स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी। कालापानी के पास से बहने के बाद महाकाली नेपाल से सीमा को अलग करती है। अब आईटीबीपी ने इस क्षेत्र में ज्यादा चौकसी बढ़ा दी है। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि मौसम की बदली परिस्थिति को देखते हुए कालापानी से लेकर गर्ब्यांग तक इन दिनों अतिरिक्त चौकसी की जा रही है।
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कालापानी स्थित काली का मंदिर पूरी तरह बर्फ से ढक गया है। मंदिर के पास बनाया गया जलकुंड नजर नहीं आ रहा है। कालापानी कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का मुख्य पड़ाव भी है। यहां रुकने के बाद यात्री अगले दिन लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश करते हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा की समाप्ति के दौरान सितंबर से ही इस इलाके में हिमपात होने लगता है। गुंजी, कुटी, नाभीढांग, छियालेख में भी इस समय भारी हिमपात हुआ है। क्षेत्र में इस समय सिर्फ सुरक्षा बलों के जवान ही रहते हैं।
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