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अभिभावकों ने स्कूल में डाले ताले
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
Updated Wed, 17 Aug 2016 10:18 PM IST
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जीआईसी चिटगल में तालाबंदी करते अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षकों की कमी के विरोध में अभिभावकों ने राजकीय इंटर कॉलेज चिटगल में ताले डाल दिए। यह स्कूल प्रधानाचार्य और तीन एलटी शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। अभिभावकों ने शिक्षकों की तैनाती न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
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तालाबंदी के बाद जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक को भेजे पत्र में अभिभावकों ने कहा कि स्कूल में एक भी प्रवक्ता की तैनाती नहीं की गई है। एलटी स्तर पर भी शिक्षकों का टोटा है। लिपिक स्टाफ भी स्कूल में नहीं है। लिखा है कि शिक्षकों की तैनाती को लेकर तीन अगस्त को शिक्षाधिकारियों को पत्र दिया गया था। 15 अगस्त तक शिक्षकों की तैनाती न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। उसी के अनुरूप विद्यालय में तालाबंदी शुरू कर दी गई है।
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ग्राम प्रधान चंद्रशेखर पंत, पीटीए अध्यक्ष रोशन राम, अभिभावक दीपक पंत, नरेंद्र पंत, गणेश राम, खड़क राम, गोविंद राम, हरीश राम, गोपाल राम ने कहा कि शिक्षकों की कमी से 180 विद्यार्थियों का भविष्य चौपट हो रहा है। कहा कि शिक्षकों की तैनाती तक तालाबंदी जारी रहेगी। शिक्षक तैनात नहीं हुए तो जीआईसी में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। तालाबंदी के कारण कक्षाओं का संचालन नहीं हुआ।
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नवोदय की शिक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल
बेहतर पढ़ाई के लिए गंगोलीहाट में खोले गए राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पर अभिभावक शिक्षक संघ और अभिभावकों ने सवाल खड़े किए हैं। पीटीए अध्यक्ष संजय रावल, अभिभावक हरीश धानिक, तारा सिंह, कमल जोशी, नरेंद्र कुमार आदि ने जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक को भेजे ज्ञापन में कहा कि इस साल हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 36 में से 26 विद्यार्थी फेल हो गए। फेल विद्यार्थियों को ईवन ग्रेड (जिसमें 25 से 35 प्रतिशत अंक) मिला था। इन्होंने इंप्रूवमेंट के पेपर दिए, जिसमें ईटू ग्रेड (20 प्रतिशत से नीचे) आ गया। इन लोगों ने कहा कि खराब परीक्षाफल के लिए जिम्मेदार कौन है, यह तय होना चाहिए। कहा कि अब अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों से अन्य स्कूलों में प्रवेश कराने को कहा जा रहा है, जो गलत है। इन लोगों ने फेल विद्यार्थियों को राजीव नवोदय में ही पढ़ने की अनुमति देने की मांग की है।