फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Lifetime Prison of Mother

बेटी को बेचने वाली मां सहित चार को आजीवन कारावास की सजा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Lifetime Prison of Mother
पिथौरागढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने बेटी को बेचने वाली मां सहित चार आरोपियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

मामला वर्ष 2015 का है। कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि पिथौरागढ़ नगर के घुपौड़ में कुछ लोग एक नाबालिग की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
इस पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट मौके पर पहुंची। वहां पर मौजूद लोगों ने अपना नाम अकरम खान, जमील अहमद, तसलीम खान बताया। उनके साथ एक किशोरी, उसकी मां और मुंहबोली बुआ भी थी।
विज्ञापन

यूपी के बहेड़ी (बरेली) निवासी जमील ने बताया कि वह और अकरम दोनों एक ही शहर के हैं। वे दोनों पिथौरागढ़ के ही तसलीम खान के साथ चार पांच दिन पहले तिलढुकरी में धारचूला की मूल निवासी महिला के घर गए थे और नाबालिग की मुंहबोली बुआ (मूल निवासी दार्चुला, नेपाल) के माध्यम से किशोरी की शादी अकरम से करना चाह रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए किशोरी की मां और बुआ ने 20 हजार रुपये की राशि मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने पांचों को हिरासत में लेकर कोतवाली में आईपीसी की धारा 363, 366, 367, 368, 370 (4), 371, 372, 373/34, 120 बी एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया।
यह वाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। इस बीच 25 अगस्त 2016 को अकरम की मौत हो गई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कुल 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने जमील अहमद, तसलीम खान, किशोरी की मां और बुआ पर दोष सिद्ध करते हुए चारों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
जमील अहमद और तसलीम खान को धारा 366 के तहत सात-साल के कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की विवेचना विशेष लोक अभियोजक प्रेम भंडारी और जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत ने की।
छोटी बेटी के भरण पोषण की व्यवस्था करे सरकार
पिथौरागढ़। महिला को जिस नाबालिग बेटी का सौदा करने के आरोप में सजा हुई है, उसका अब विवाह हो चुका है। महिला की एक छोटी बेटी भी है।
मां पर आरोप सिद्ध होने के बाद अब उस बच्ची के भरण-पोषण की समस्या न आए इसको देखते जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने राज्य सरकार और बाल कल्याण विभाग को उसके भरण पोषण की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया है।

उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी अगली बैठक में इस प्रकरण को रखने के निर्देश दिए हैं ताकि नाबालिग के प्रतिकर और पुनर्वास की कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed