{"_id":"60ec85688ebc3edc4535ee15","slug":"lifetime-prison-of-mother-pithoragarh-news-hld430951370","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटी को बेचने वाली मां सहित चार को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटी को बेचने वाली मां सहित चार को आजीवन कारावास की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने बेटी को बेचने वाली मां सहित चार आरोपियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है।
मामला वर्ष 2015 का है। कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि पिथौरागढ़ नगर के घुपौड़ में कुछ लोग एक नाबालिग की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
इस पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट मौके पर पहुंची। वहां पर मौजूद लोगों ने अपना नाम अकरम खान, जमील अहमद, तसलीम खान बताया। उनके साथ एक किशोरी, उसकी मां और मुंहबोली बुआ भी थी।
यूपी के बहेड़ी (बरेली) निवासी जमील ने बताया कि वह और अकरम दोनों एक ही शहर के हैं। वे दोनों पिथौरागढ़ के ही तसलीम खान के साथ चार पांच दिन पहले तिलढुकरी में धारचूला की मूल निवासी महिला के घर गए थे और नाबालिग की मुंहबोली बुआ (मूल निवासी दार्चुला, नेपाल) के माध्यम से किशोरी की शादी अकरम से करना चाह रहे थे।
विज्ञापन
इसके लिए किशोरी की मां और बुआ ने 20 हजार रुपये की राशि मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने पांचों को हिरासत में लेकर कोतवाली में आईपीसी की धारा 363, 366, 367, 368, 370 (4), 371, 372, 373/34, 120 बी एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया।
यह वाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। इस बीच 25 अगस्त 2016 को अकरम की मौत हो गई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कुल 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने जमील अहमद, तसलीम खान, किशोरी की मां और बुआ पर दोष सिद्ध करते हुए चारों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
जमील अहमद और तसलीम खान को धारा 366 के तहत सात-साल के कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की विवेचना विशेष लोक अभियोजक प्रेम भंडारी और जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत ने की।
छोटी बेटी के भरण पोषण की व्यवस्था करे सरकार
पिथौरागढ़। महिला को जिस नाबालिग बेटी का सौदा करने के आरोप में सजा हुई है, उसका अब विवाह हो चुका है। महिला की एक छोटी बेटी भी है।
मां पर आरोप सिद्ध होने के बाद अब उस बच्ची के भरण-पोषण की समस्या न आए इसको देखते जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने राज्य सरकार और बाल कल्याण विभाग को उसके भरण पोषण की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया है।
उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी अगली बैठक में इस प्रकरण को रखने के निर्देश दिए हैं ताकि नाबालिग के प्रतिकर और पुनर्वास की कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
मामला वर्ष 2015 का है। कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि पिथौरागढ़ नगर के घुपौड़ में कुछ लोग एक नाबालिग की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
इस पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट मौके पर पहुंची। वहां पर मौजूद लोगों ने अपना नाम अकरम खान, जमील अहमद, तसलीम खान बताया। उनके साथ एक किशोरी, उसकी मां और मुंहबोली बुआ भी थी।
विज्ञापन
यूपी के बहेड़ी (बरेली) निवासी जमील ने बताया कि वह और अकरम दोनों एक ही शहर के हैं। वे दोनों पिथौरागढ़ के ही तसलीम खान के साथ चार पांच दिन पहले तिलढुकरी में धारचूला की मूल निवासी महिला के घर गए थे और नाबालिग की मुंहबोली बुआ (मूल निवासी दार्चुला, नेपाल) के माध्यम से किशोरी की शादी अकरम से करना चाह रहे थे।
विज्ञापन
इसके लिए किशोरी की मां और बुआ ने 20 हजार रुपये की राशि मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने पांचों को हिरासत में लेकर कोतवाली में आईपीसी की धारा 363, 366, 367, 368, 370 (4), 371, 372, 373/34, 120 बी एवं अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया।
यह वाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। इस बीच 25 अगस्त 2016 को अकरम की मौत हो गई। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कुल 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने जमील अहमद, तसलीम खान, किशोरी की मां और बुआ पर दोष सिद्ध करते हुए चारों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
जमील अहमद और तसलीम खान को धारा 366 के तहत सात-साल के कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की विवेचना विशेष लोक अभियोजक प्रेम भंडारी और जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत ने की।
छोटी बेटी के भरण पोषण की व्यवस्था करे सरकार
पिथौरागढ़। महिला को जिस नाबालिग बेटी का सौदा करने के आरोप में सजा हुई है, उसका अब विवाह हो चुका है। महिला की एक छोटी बेटी भी है।
मां पर आरोप सिद्ध होने के बाद अब उस बच्ची के भरण-पोषण की समस्या न आए इसको देखते जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा ने राज्य सरकार और बाल कल्याण विभाग को उसके भरण पोषण की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया है।
उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी अगली बैठक में इस प्रकरण को रखने के निर्देश दिए हैं ताकि नाबालिग के प्रतिकर और पुनर्वास की कार्रवाई की जा सके।