{"_id":"69cd588b4aab8b74b802556f","slug":"leopard-terror-in-satgarh-and-askot-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-140109-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: सतगढ़ और अस्कोट में तेंदुए की दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: सतगढ़ और अस्कोट में तेंदुए की दहशत
Wed, 01 Apr 2026 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़/अस्कोट। कनालीछीना विकासखंड के सतगढ़ गांव और अस्कोट में तेंदुए की सक्रियता से लोगों में दहशत है। सतगढ़ में तेंदुए ने आबादी के बीच घुसकर दो पालतू श्वानों पर हमला कर दिया। वहीं अस्कोट में जंगल में घास लेने गई महिलाओं ने तेंदुए की गुर्राहट से भयभीत होकर घर लौटने के लिए मजबूर हुईं।
सतगढ़ गांव की प्रधान अंजू ने बताया कि कई दिनों से गांव में दिनदहाड़े तेंदुआ नजर आ रहा है। जीआईसी और जीजीआईसी जाने वाले रास्ते के पास तीन दिन से लगातार तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। वहीं बीते सोमवार और मंगलवार देर शाम तेंदुए ने गांव में घुस कर दो श्वानों पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि तेंदुआ दो बच्चों के साथ गांव में नजर आ रहा है। लगातार दो दिन भोजन की तलाश में उसने श्वानों पर हमला किया लेकिन वे बच निकले।
उन्होंने कहा कि वन विभाग को उचित कदम उठाने चाहिए नहीं तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। वहीं अस्कोट की महिलाएं बुधवार को दोपहर बाद रतक्वाली, मेलखेत क्षेत्र में मवेशियों के लिए घास लेने गई थीं। निर्मला, रेखा, कलावती, विमला और कमला ने बताया कि जंगल में तेंदुए की गुर्राहट सुन कर वे जरेग घास लिए बगैर की लौट आईं। डीडीहाट के रेंजर केएस रावत ने कहा कि टीम सतगढ़ गांव में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता का पता लगाएगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सतगढ़ गांव की प्रधान अंजू ने बताया कि कई दिनों से गांव में दिनदहाड़े तेंदुआ नजर आ रहा है। जीआईसी और जीजीआईसी जाने वाले रास्ते के पास तीन दिन से लगातार तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। वहीं बीते सोमवार और मंगलवार देर शाम तेंदुए ने गांव में घुस कर दो श्वानों पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि तेंदुआ दो बच्चों के साथ गांव में नजर आ रहा है। लगातार दो दिन भोजन की तलाश में उसने श्वानों पर हमला किया लेकिन वे बच निकले।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वन विभाग को उचित कदम उठाने चाहिए नहीं तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। वहीं अस्कोट की महिलाएं बुधवार को दोपहर बाद रतक्वाली, मेलखेत क्षेत्र में मवेशियों के लिए घास लेने गई थीं। निर्मला, रेखा, कलावती, विमला और कमला ने बताया कि जंगल में तेंदुए की गुर्राहट सुन कर वे जरेग घास लिए बगैर की लौट आईं। डीडीहाट के रेंजर केएस रावत ने कहा कि टीम सतगढ़ गांव में गश्त कर तेंदुए की सक्रियता का पता लगाएगी। संवाद
विज्ञापन