रातीगाड़ में तेजी से खिसक रही जमीन
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ में काफी तेजी से जमीन खिसक रही है। पूरी पहाड़ी दरक कर मुख्य सड़क पर आ रही है। शनिवार रात करीब 12 बजे सड़क पर भारी मलबा पट गया था। इस कारण इस मार्ग पर यातायात पूरे आठ घंटे तक बंद रहा। रविवार सुबह आठ बजे छोटे वाहनों के संचालन के लायक ही सड़क बन पाई। लोक निर्माण विभाग को रातीगाड़ में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। रात में बिना बारिश के भी मलबा गिरता जा रहा है। फिलहाल इस स्थान पर स्थायी समाधान निकालने की कोई योजना लोक निर्माण विभाग नहीं बना पाया है। अब बारिश थमने के बाद ही इस स्थान पर दीवार लगाने का काम शुरू हो पाएगा।
रातीगाड़ में करीब 100 मीटर हिस्से से मलबा लगातार मुख्य सड़क पर गिर रहा है। कहां पर मलबा गिरेगा, इसका कोई पता नहीं रहता। पिछले एक महीने से यह सड़क रोज रात में बंद हो रही है। लोनिवि के अवर अभियंता योगेंद्र चौबे लगातार अपनी टीम के साथ रातीगाड़ में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि इस समय पहली वरीयता यातायात बहाल करने की है। ज्यादा देर तक यातायात बाधित न हो इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
उधर, जौलजीबी से मुनस्यारी जाने वाली सड़क भी घिंघरानी के पास मलबा आने से रविवार सुबह चार से आठ बजे तक बंद रही। बार-बार सड़क बंद होने से लोगों को मुनस्यारी जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तवाघाट-गर्बाधार मार्ग पर मांगती के पास मलबा हटाने का काम रविवार को बारिश बंद होते ही तेज हो गया। वहीं, तवाघाट-सोबला मार्ग अभी बंद है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम तेजी से किया जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। यदि बारिश नहीं हुई तो बंद सड़कें एक सप्ताह में खुल जाएंगी।